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किशनगंज में नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप

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बिहार के किशनगंज जिले में स्थित रूईधासा इलाके के एक नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। हेल्प एंड होप नामक इस नशा मुक्ति केंद्र पर आरोप है कि यह बिना नियमित डॉक्टर और काउंसलर की मौजूदगी के संचालित किया जा रहा है, जबकि इसके बावजूद इसे स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन प्राप्त है।

किशनगंज में नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप
किशनगंज में नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप

जांच में सामने आई लापरवाही की तस्वीर

हाल ही में केंद्र में हुए हंगामे के बाद जब मामले की जांच की गई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जानकारी के अनुसार, केंद्र में न तो डॉक्टर नियमित रूप से मौजूद रहते हैं और न ही काउंसलर की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित है।

केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, डॉक्टर केवल लगभग 15 दिनों में एक बार ही आते हैं, जबकि काउंसलर भी सप्ताह में या लगभग 8 दिनों में एक बार ही केंद्र का दौरा करते हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए डॉक्टर को ऑन-कॉल बुलाने की व्यवस्था बताई जा रही है।

किशनगंज में नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप
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20 से अधिक मरीजों का इलाज, पर सवालों के घेरे में व्यवस्था

इस नशा मुक्ति केंद्र में वर्तमान में दो दर्जन से अधिक नशे के आदी मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों के परिजनों द्वारा इलाज के नाम पर भारी शुल्क भी दिया जा रहा है। ऐसे में बिना प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की नियमित मौजूदगी के इलाज किए जाने को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नशा मुक्ति उपचार के दौरान दी जाने वाली दवाओं के गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जिन्हें संभालने के लिए योग्य डॉक्टर और प्रशिक्षित काउंसलर की मौजूदगी अनिवार्य होती है। ऐसे में लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

किशनगंज में नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप
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रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जांच का विषय बन गया है कि किस आधार पर इस केंद्र को रजिस्ट्रेशन प्रदान किया गया और क्या केंद्र ने निर्धारित मानकों और नियमों का पालन किया था या नहीं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में चर्चा का विषय बना मामला

फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि नशा मुक्ति जैसे संवेदनशील उपचार केंद्रों में किसी भी तरह की लापरवाही मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में त्वरित और सख्त कदम उठाने चाहिए।

अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.

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