Kishanganj Heroin Seizure: बिहार के किशनगंज जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक हेरोइन तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई पोठिया थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई, जिसे एक काले बैग में छिपाकर ले जाया जा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि 3 जुलाई की रात पोठिया थाना क्षेत्र के एलआरपी चौक के पास हेरोइन की एक बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके बाद एसडीपीओ खुशरू सिराज के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पोठिया थाना क्षेत्र के एलआरपी चौक स्थित सर्विस लेन में सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया।
पुलिस टीम ने इलाके को घेरकर हर आने-जाने वाले वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी शुरू कर दी, ताकि किसी भी स्थिति में तस्करी को रोका जा सके।

संदिग्ध गतिविधियों ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। एक व्यक्ति काले रंग का बैग लेकर टेंपो से उतरा और दूसरे व्यक्ति की ओर बढ़ रहा था, जो पहले से वहां मौजूद था।
दोनों की हरकतों पर पुलिस की नजर पड़ी और उन्हें तुरंत रोक लिया गया। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली गई, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
भारी मात्रा में हेरोइन बरामद
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से कुल 516.81 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इस मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 3 लाख रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा आरोपियों के पास से:
- 3 मोबाइल फोन
- 9,672 रुपये नकद
भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन से इस पूरे नेटवर्क के कई अहम सुराग मिल सकते हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
- अनील साहा, निवासी मालदा (पश्चिम बंगाल)
- अकबर अली, निवासी सुखानी थाना क्षेत्र, किशनगंज (बिहार)
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अनील साहा मालदा से हेरोइन लेकर आया था और उसे किशनगंज के अकबर अली को सौंपने की योजना थी।
अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क पश्चिम बंगाल और बिहार के कई इलाकों में सक्रिय बताया जा रहा है।
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चैन और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी बार ड्रग्स की सप्लाई की जा चुकी है।
आगे की जांच तेज
किशनगंज पुलिस ने इस मामले में पोठिया थाना कांड संख्या-110/26 दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई
एसडीपीओ खुशरू सिराज ने बताया कि यह कार्रवाई नशा विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि किशनगंज पुलिस और ANTF लगातार ऐसे नेटवर्क पर नजर रखे हुए है और किसी भी सूरत में मादक पदार्थों की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी संभव है।
स्थानीय स्तर पर प्रभाव
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में राहत की भावना देखी गई है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में नशे के कारोबार पर अंकुश लगेगा और युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सकेगा।
निष्कर्ष
किशनगंज में हुई यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी ड्रग्स बरामदगी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क कितना सक्रिय है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है और जांच अब इसके पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिलहाल, पुलिस की नजर इस पूरे सिंडिकेट के बाकी सदस्यों पर है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होंगे।










