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जोकीहाट शराब बरामदगी: जोकीहाट में शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: ट्रक से 1911 लीटर विदेशी शराब बरामद, पश्चिम बंगाल के दो तस्कर गिरफ्तार

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जोकीहाट शराब बरामदगी: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करी के प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक से 1911 लीटर विदेशी शराब जब्त की और मौके से पश्चिम बंगाल के दो कथित तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है और मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अररिया पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान की गई। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चिन्हित हॉटस्पॉट पर लगातार सघन जांच की जा रही है ताकि शराब तस्करी, अवैध परिवहन और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

इसी अभियान के तहत जोकीहाट थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई पर स्थित बोरिया डायवर्सन के पास विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध ट्रक पर पड़ी। पुलिस ने ट्रक चालक को वाहन रोकने का संकेत दिया। ट्रक रुकते ही उसमें सवार दो व्यक्ति अचानक नीचे उतरकर भागने लगे। हालांकि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया।

दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने ट्रक की विस्तृत तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखी गई कुल 1911 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। शराब को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना आसान नहीं था। बरामदगी के बाद पुलिस ने पूरे वाहन को जब्त कर लिया और शराब की खेप को सुरक्षित कब्जे में ले लिया।

जोकीहाट शराब बरामदगी
जोकीहाट शराब बरामदगी

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशील कुमार ने बताया कि इस मामले में जोकीहाट थाना में कांड संख्या 291/26 दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी विश्वजीत मंडल और ननटू मंडल के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस गिरोह से जुड़े हैं और इस तस्करी में किन-किन लोगों की भूमिका है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शराब की खेप को बिहार में पहुंचाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इसे किस स्थान से लाया गया था और इसकी अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही हैं। इसका उद्देश्य केवल शराब की खेप जब्त करना नहीं, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है।

अधिकारियों के अनुसार, यह जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि शराब की खरीद, परिवहन और वितरण में कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान होती है तो उनके खिलाफ भी बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद राज्य की सीमाओं से सटे जिलों में पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है। अररिया जिला पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से जुड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां समय-समय पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाए जाते हैं ताकि अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अक्सर ट्रकों और अन्य बड़े मालवाहक वाहनों में सामान के बीच शराब छिपाकर ले जाने की कोशिश करते हैं। इसी कारण जांच के दौरान संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली जाती है। कई मामलों में तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन लगातार निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर ऐसी गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है।

एसडीपीओ सुशील कुमार ने कहा कि जिले में शराब तस्करी रोकना पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए न केवल हाईवे पर वाहन जांच की जा रही है, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें शराब तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

पुलिस का मानना है कि आम नागरिकों के सहयोग से शराब तस्करी के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यही कारण है कि प्रशासन लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है।

इस कार्रवाई को अररिया पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एक साथ 1911 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी न केवल तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल करने वाली कार्रवाई है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार सतर्क है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से तस्करी के नेटवर्क, इसके संचालकों और शराब की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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