किशनगंज बिजलीकर्मी गिरफ्तार: बिहार के किशनगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए जाने के आरोप में बिजली विभाग के एक कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह घटना बहादुरगंज प्रखंड के एलआरपी चौक स्थित पावर हाउस की है। मामले के सामने आने के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बहादुरगंज स्थित एलआरपी चौक पावर हाउस में तैनात एक बिजलीकर्मी बुधवार देर रात अपनी ड्यूटी पर मौजूद था। इसी दौरान स्थानीय एआईएमआईएम विधायक तौसीफ आलम बिजली आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लेने और आम लोगों की समस्याओं को समझने के लिए पावर हाउस पहुंचे थे।
विधायक के निरीक्षण के दौरान उन्हें एक कर्मचारी का व्यवहार सामान्य नहीं लगा। कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध नजर आने पर विधायक ने उससे बातचीत की। पूछताछ के दौरान उन्हें कर्मचारी के शराब के नशे में होने का संदेह हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक तौसीफ आलम ने तुरंत बहादुरगंज थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संबंधित बिजलीकर्मी को अपने साथ ले गई। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार उसकी मेडिकल जांच कराई।

मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद कर्मचारी के शराब सेवन की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी बिजलीकर्मी प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि बिजली विभाग जैसे महत्वपूर्ण सेवा क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी काफी अधिक होती है। बिजली आपूर्ति से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में ड्यूटी के समय किसी कर्मचारी का नशे की हालत में पाया जाना गंभीर मामला माना जा रहा है।
घटना के बाद पावर हाउस परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय उपभोक्ताओं ने इस मामले पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मचारियों की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिल सके।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी चौबीसों घंटे लोगों की सेवा से जुड़े रहते हैं। ऐसे में उन्हें पूरी सतर्कता और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही से न सिर्फ विभाग की छवि खराब होती है, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी हो या आम नागरिक, कानून सभी के लिए समान है।
पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं विभागीय स्तर पर भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक विभागीय बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन लगातार लोगों से कानून का पालन करने की अपील करता रहा है। समय-समय पर सरकारी विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाती रही है।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। ताकि किसी भी तरह की लापरवाही को रोका जा सके और जनता को बेहतर सेवाएं मिलती रहें।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला जांच के दायरे में है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किए गए बिजलीकर्मी के खिलाफ आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










