पूर्णिया मोबाइल छिनतई: बिहार के पूर्णिया जिले में दिनदहाड़े हुई मोबाइल छिनतई की एक घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस बार अपराधियों की योजना सफल नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि उसका साथी फरार होने में कामयाब रहा। घटना के बाद लोगों ने पकड़े गए आरोपी की जमकर पिटाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरी घटना शहर के के. हाट थाना क्षेत्र की है, जहां हाल के दिनों में चोरी और छिनतई की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दो युवक एक बिना रजिस्ट्रेशन वाली आर-15 बाइक पर सवार होकर शहर में घूम रहे थे। दोनों की नजर एक टोटो में सफर कर रहे व्यक्ति पर पड़ी। जैसे ही टोटो पंचमुखी मंदिर के पास पहुंचा, बाइक सवार बदमाशों ने तेज रफ्तार में आते हुए टोटो सवार का मोबाइल फोन झपट लिया और वहां से भागने लगे। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि कुछ क्षण के लिए लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
मोबाइल छीनने के दौरान टोटो में बैठी एक महिला और उसके साथ मौजूद छोटा बच्चा अचानक असंतुलित हो गए। दोनों गिरते-गिरते बचे। यदि टोटो पलट जाता या महिला और बच्चा सड़क पर गिर जाते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने आसपास मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।

जैसे ही पीड़ित ने शोर मचाया, आसपास मौजूद दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए दोनों बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। अपराधियों ने तेज रफ्तार से भागने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में उनकी बाइक पंचमुखी मंदिर के पास लगाए गए पुलिस बैरिकेड से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बदमाश बाइक छोड़कर भागने लगे।
इस अफरा-तफरी के बीच एक आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी को स्थानीय लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान रामनगर वार्ड-11 निवासी आशीष कुमार के रूप में हुई है। लोगों में घटना को लेकर इतना गुस्सा था कि उन्होंने आरोपी की मौके पर ही जमकर पिटाई कर दी। हालांकि बाद में कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही के. हाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं फरार आरोपी की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल से अपराधियों की बिना रजिस्ट्रेशन वाली आर-15 बाइक भी जब्त कर ली है। अब बाइक के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसके मालिक और अन्य आपराधिक गतिविधियों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों आरोपी किसी संगठित छिनतई गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनका पहले भी ऐसे मामलों में कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या नहीं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि फरार आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पूर्णिया शहर में लगातार छिनतई और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे एक दिन पहले भी सहायक खजांची थाना क्षेत्र के शिव मंदिर के पास चोरी की कोशिश कर रहे एक आरोपी को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से आम नागरिकों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिनदहाड़े अपराधी इतनी आसानी से वारदात को कैसे अंजाम दे रहे हैं।
इन घटनाओं को देखते हुए पूर्णिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शौर्य सुमन ने हाल ही में अपराध नियंत्रण के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत 80 पुलिसकर्मियों की एक विशेष ‘बाइकर्स टीम’ बनाई गई है। ये पुलिसकर्मी 40 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 15 अलग-अलग टीमों में शहर के संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य मोबाइल छिनतई, चोरी, लूट और अन्य सड़क अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाइकर्स टीम को विशेष रूप से उन इलाकों में तैनात किया गया है, जहां बाजार, भीड़भाड़ या अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इसके अलावा अचानक चेकिंग अभियान और संदिग्ध वाहनों की जांच भी लगातार की जा रही है। हालांकि ताजा घटना यह सवाल जरूर खड़ा करती है कि अपराधियों के हौसले अब भी इतने बुलंद क्यों हैं।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध रोकने में पुलिस की सक्रियता जितनी जरूरी है, उतनी ही महत्वपूर्ण आम लोगों की सतर्कता भी है। पूर्णिया की इस घटना में स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण एक आरोपी पकड़ा गया, लेकिन विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि किसी भी आरोपी के साथ कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में आरोपी को पकड़कर तुरंत पुलिस के हवाले करना ही सबसे सुरक्षित और कानूनी तरीका है।
शहर में लगातार बढ़ रही अपराध की घटनाओं के बीच यह मामला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। पुलिस के सामने अब दोहरी जिम्मेदारी है—एक तरफ फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करना और दूसरी ओर शहर में लोगों का भरोसा बनाए रखना।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। वहीं स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि बाइकर्स टीम, नियमित गश्त और सख्त पुलिस कार्रवाई के जरिए शहर में बढ़ती छिनतई और चोरी की घटनाओं पर जल्द ही प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि अपराध से लड़ने के लिए पुलिस और समाज—दोनों की सतर्कता और सहभागिता बेहद जरूरी है।










