EOU छापेमारी: पटना में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में EOU की टीम ने गुरुवार सुबह पटना और बेगूसराय स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों, बेसमेंट और पार्किंग एरिया की भी जांच की।
जांच एजेंसी के अनुसार, अजय कुमार सिंह पर अपनी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह कथित अतिरिक्त संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसी मामले में EOU ने 19 अगस्त को आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 19/26 दर्ज किया था।

सुबह 8:30 बजे शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे EOU की 15 सदस्यीय टीम पटना के खाजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड के चंद्रतारा भवन पहुंची। टीम के पहुंचते ही आवास के भीतर तलाशी शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने घर के अलग-अलग कमरों और अन्य हिस्सों की जांच की। इसके अलावा बेसमेंट और पार्किंग एरिया को भी तलाशी के दायरे में रखा गया।
कार्रवाई के दौरान अजय कुमार सिंह अपने पटना स्थित आवास पर ही मौजूद बताए गए हैं। EOU की टीम ने उनसे और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी लेने के साथ-साथ घर में मौजूद रिकॉर्ड और अन्य सामान की भी जांच की।
घर से नकदी मिलने की जानकारी
तलाशी के दौरान घर से नकदी बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों को 500 रुपये के नोटों की 10 से अधिक गड्डियां मिली हैं। हालांकि, इन गड्डियों में कुल कितनी रकम है, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
EOU की ओर से बरामद नकदी की अंतिम राशि और अन्य सामान की विस्तृत जानकारी तलाशी पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है। जांच एजेंसी फिलहाल नकदी और उससे संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम के स्रोत क्या हैं।
बेगूसराय के आलीशान मकान पर भी पहुंची टीम
पटना के अलावा EOU की एक टीम ने बेगूसराय स्थित अजय कुमार सिंह के आवास पर भी तलाशी ली। यहां भी अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच शुरू की।
जांच एजेंसी का मुख्य फोकस उन संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को जुटाने पर है, जिनके आधार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच की जा रही है।
बेगूसराय स्थित मकान को लेकर भी अधिकारियों की ओर से दस्तावेज और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अतिरिक्त संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई और उसमें कौन-कौन सी संपत्तियां शामिल हैं।

3.43 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप
EOU के मुताबिक, अजय कुमार सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात और वैध आय की तुलना में करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 90.04 प्रतिशत अधिक है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर अधिकारी की आय, खर्च, बैंक खातों, जमीन-जायदाद, मकान, वाहन और अन्य निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करती है।
इस मामले में भी EOU की टीम अलग-अलग दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अजय कुमार सिंह की घोषित आय और उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 19/26 के तहत 19 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में संशोधन के बाद लागू प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है।
मामले में धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) का उल्लेख किया गया है। EOU को इस मामले में तलाशी की कार्रवाई के लिए पटना स्थित विशेष न्यायालय निगरानी से तलाशी वारंट मिला है। इसी वारंट के आधार पर पटना और बेगूसराय के ठिकानों पर जांच की जा रही है।

दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी की टीम संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड, नकदी तथा दूसरे जरूरी दस्तावेजों को खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अधिकारी की घोषित आय और कथित संपत्ति के बीच कितना अंतर है।
जांच एजेंसी संपत्ति की खरीद, निर्माण और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर सकती है। इसके अलावा बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।
अगर तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज या सामग्री मिलती है, जो आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को साबित करने में मदद कर सकती है, तो उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।
फिलहाल जांच जारी
EOU की यह कार्रवाई अभी जांच के चरण में है। पटना और बेगूसराय में संबंधित ठिकानों पर तलाशी जारी है। बरामद नकदी, दस्तावेज और अन्य सामग्री का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
फिलहाल बरामद नकदी की कुल राशि या जांच के दौरान सामने आई अन्य संपत्तियों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा।
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े इस मामले में EOU की कार्रवाई ने शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के बीच भी चर्चा बढ़ा दी है। अब जांच के दौरान मिलने वाले दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड यह तय करने में अहम होंगे कि अजय कुमार सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित अतिरिक्त संपत्ति का वास्तविक स्रोत क्या है।
EOU की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अन्य तथ्यों की आधिकारिक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।










