अररिया विश्वकर्मा पूजा: अररिया शहर में विश्वकर्मा पूजा के मौके पर गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रेलवे स्टेशन रोड स्थित बाबा विश्वकर्मा मंदिर से लेकर बस स्टैंड, पूजा पंडालों, दुकानों, कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। लोगों ने विधि-विधान के साथ पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की।
विश्वकर्मा पूजा को खास तौर पर कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीकी कर्मचारियों, मैकेनिकों, निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और विभिन्न उद्योगों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन लोग अपने औजारों, मशीनों और कार्यस्थलों की पूजा करते हैं। अररिया में भी सुबह से ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। कई जगहों पर आकर्षक पंडाल सजाए गए थे, जहां भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।

शहर के शिवपुरी वार्ड नंबर 9 में राधा-कृष्ण मंदिर के समीप श्री श्री 108 बाबा विश्वकर्मा पूजा समिति की ओर से विशेष पंडाल तैयार किया गया। पंडाल को आकर्षक तरीके से सजाया गया था और यहां पूजा के साथ रात में भक्ति जागरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही उत्साह देखने को मिल रहा था।
गुरुवार रात करीब 9 बजे भक्ति जागरण की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में बाहर से पहुंचे कलाकारों ने धार्मिक और भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे पंडाल में श्रद्धालुओं की संख्या भी बनी रही। कलाकारों ने भगवान शिव और बाबा विश्वकर्मा से जुड़े कई भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिन पर मौजूद लोग भक्ति भाव में झूमते नजर आए।
जागरण कार्यक्रम में ‘पगला पगली जोड़ी लगयतो भोले बाबा’, ‘बाबा हथौड़ी वाले’ और ‘बाबा छेनी वाले’ जैसे भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। गीत-संगीत के दौरान पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों समेत अलग-अलग उम्र के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और देर रात तक भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे।
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर आयोजित इस जागरण का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। आयोजकों के अनुसार, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय लोगों को एक साथ जोड़ने और सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया गया। पूजा के साथ सामूहिक रूप से आयोजित कार्यक्रम ने लोगों को एक-दूसरे से मिलने और त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर भी दिया।
जागरण कार्यक्रम का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। भक्ति गीतों और कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं की मौजूदगी बनी रही। सुबह करीब 4 बजे जाकर कार्यक्रम समाप्त हुआ। देर रात तक पंडाल में लोगों का आना-जाना जारी रहा। कई श्रद्धालु पूरी रात कार्यक्रम में मौजूद रहे और भक्ति गीतों का आनंद लेते रहे।

कार्यक्रम का उद्घाटन अररिया नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण रोशन, वार्ड नंबर 9 के पार्षद प्रतिनिधि अविनाश आनंद और वार्ड नंबर 7 के पार्षद श्याम कुमार मंडल ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां पेश कीं।
शिवपुरी में आयोजित इस जागरण को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। पूजा पंडाल में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के दर्शन के लिए लोगों की आवाजाही रही। वहीं, रात के समय भक्ति संगीत ने पूरे इलाके के माहौल को धार्मिक रंग में रंग दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अररिया शहर में सिर्फ शिवपुरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्थानों पर भी विश्वकर्मा पूजा को लेकर तैयारियां की गई थीं। रेलवे स्टेशन रोड स्थित बाबा विश्वकर्मा मंदिर सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर प्रतिमाएं स्थापित की गईं। दुकानों, कारखानों और तकनीकी काम से जुड़े प्रतिष्ठानों में भी पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने अपने कार्यस्थल और काम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पूजा कर भगवान विश्वकर्मा से सफलता और समृद्धि की प्रार्थना की।
विश्वकर्मा पूजा का संबंध निर्माण, शिल्प और तकनीकी कार्यों से जुड़ी परंपरा से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और वास्तुकला का देवता माना जाता है। इसी वजह से इस दिन मशीनों, औजारों और निर्माण से जुड़े उपकरणों की पूजा करने की परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है।
अररिया में भी इस त्योहार के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। अलग-अलग पूजा समितियों ने अपनी क्षमता के अनुसार पंडाल सजाए और कार्यक्रम आयोजित किए। पूजा स्थलों पर स्थानीय लोगों की भागीदारी ने पूरे शहर में उत्सव का माहौल बनाए रखा।
शिवपुरी वार्ड नंबर 9 में आयोजित भक्ति जागरण इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। रात करीब 9 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम सुबह 4 बजे तक चलता रहा। लगातार कई घंटों तक कलाकारों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। भगवान शिव और विश्वकर्मा से जुड़े गीतों के साथ श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह में भाग लिया।

आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ लोगों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। अलग-अलग वर्ग और उम्र के लोग एक ही स्थान पर एकत्र होकर त्योहार मनाते हैं। इससे सामाजिक मेल-जोल और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।
विश्वकर्मा पूजा के मौके पर अररिया शहर में भी यही तस्वीर देखने को मिली। दिन में पूजा-अर्चना और प्रतिमा दर्शन का सिलसिला चला, जबकि रात में कई जगहों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिवपुरी का भक्ति जागरण भी इसी उत्सव का हिस्सा रहा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने देर रात तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
कुल मिलाकर, अररिया में विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सजे पूजा पंडाल, भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं और धार्मिक कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। वहीं, शिवपुरी वार्ड नंबर 9 में सुबह 4 बजे तक चले भक्ति जागरण ने त्योहार के उत्साह को और बढ़ा दिया। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने रातभर कार्यक्रम का आनंद लिया और भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ त्योहार मनाया।










