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पटना प्रदर्शन: पटना में कांग्रेस-राजद का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश पर वाटर कैनन; SIR और मतदाता सूची को लेकर विरोध

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पटना प्रदर्शन: पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने विधानसभा के पास बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति भी बनी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति सामने आई। पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग के आगे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी, जबकि प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

कांग्रेस कार्यकर्ता आर ब्लॉक और चाणक्य होटल होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

कांग्रेस का विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और नामों से संबंधित प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रही है।

पटना प्रदर्शन
पटना प्रदर्शन

पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी या पारदर्शिता से जुड़ी समस्या पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

वहीं, राजद कार्यकर्ताओं ने भी अलग से प्रदर्शन किया। राजद कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से इनकम टैक्स चौराहे तक मार्च निकाला। यहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। राजद ने भी SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर एकजुट है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अपनी बात रखी। उनके बयान के मुताबिक, विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपनी आवाज उठाता रहेगा।

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों का जिक्र किया। राजेश राम ने बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल होने का दावा किया।

पटना प्रदर्शन
पटना प्रदर्शन

हालांकि, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े हालिया विवाद में अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर अलग पक्ष रखा है। हाल में सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटाबेस के संचालन जैसे मुद्दे शामिल थे।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। विपक्षी दलों ने इन कथित आपत्तियों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग का कहना है कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग स्तर पर सवाल, सुझाव और टिप्पणियां सामने आना आंतरिक जांच और संतुलन की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने कहा कि SIR समेत उसके फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए हैं।

यानी SIR को लेकर इस समय दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। एक तरफ विपक्षी दल आयोग के भीतर दर्ज कथित आपत्तियों का हवाला देकर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निर्णय लेने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि आंतरिक स्तर पर उठाए गए सवाल या सुझाव अंतिम निर्णय से अलग नहीं हैं और आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा और उसे अपडेट करना है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता रिकॉर्ड की जांच की जाती है और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने के साथ-साथ अपात्र, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने दस्तावेजों, नामों के सत्यापन और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।

पटना प्रदर्शन
पटना प्रदर्शन

हाल के दिनों में SIR को लेकर विवाद सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा है। अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची से जुड़े नोटिस और नामों की जांच को लेकर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दिल्ली में भी लाखों मतदाताओं को SIR से संबंधित नोटिस जारी होने की रिपोर्ट सामने आई है।

इस पूरे विवाद के बीच पटना में कांग्रेस और राजद का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और SIR से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रही है, वहीं राजद भी विरोध प्रदर्शन के जरिए चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद मामला और चर्चा में आ गया। बैरिकेडिंग के आगे प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा थी और पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

फिलहाल पटना में हुए इस प्रदर्शन ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े राजनीतिक विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपने निर्णयों को संस्थागत प्रक्रिया और सर्वसम्मत फैसलों का परिणाम बता रहा है।

आने वाले दिनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर अपने विरोध को आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से भी प्रक्रिया और उसके फैसलों को लेकर स्पष्टीकरण दिए जा रहे हैं।

पटना में कांग्रेस और राजद के प्रदर्शन की तस्वीरें फिलहाल यही दिखाती हैं कि मतदाता सूची और SIR का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में है। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग, पुलिस की कार्रवाई और वाटर कैनन के इस्तेमाल ने इस विरोध को और प्रमुख बना दिया। अब इस पूरे विवाद में आगे राजनीतिक दलों के रुख और चुनाव आयोग की ओर से आने वाले स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी।

 

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