किशनगंज शराब तस्करी: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। पुलिस ने एक टेंपो की तलाशी के दौरान कुल 106.25 लीटर विदेशी शराब जब्त की। बरामद शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब डेढ़ से दो लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई जिले के एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस को इलाके में शराब की अवैध आवाजाही को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में ठाकुरगंज पुलिस की टीम बस स्टैंड मोड़ के पास वाहनों की जांच कर रही थी।
वाहन जांच के दौरान बंगाल की ओर से एक टेंपो वहां पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, टेंपो में चालक के साथ एक महिला भी मौजूद थी। पुलिस बल को देखकर दोनों ने टेंपो से उतरकर वहां से भागने की कोशिश की। उनके व्यवहार पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद दोनों को रोककर पूछताछ की गई।
पुलिस ने इसके बाद टेंपो की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान वाहन में एक बड़ा बैग मिला, जिसे छिपाकर रखा गया था। बैग को खोलकर जांच की गई तो उसमें अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने बरामद शराब की मात्रा की जांच की, जो कुल 106.25 लीटर बताई गई।

शराब की इतनी बड़ी मात्रा बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान अपसार आलम के रूप में हुई, जिसकी उम्र 33 वर्ष है और वह माखन पोखर, थाना पोठिया का रहने वाला बताया गया है। दूसरी आरोपी महिला की पहचान अनीता देवी के रूप में हुई, जिसकी उम्र 40 वर्ष है। वह जुराबगंज, थाना कोढ़ा, जिला कटिहार की निवासी बताई गई है।
पुलिस ने शराब के साथ उस टेंपो को भी जब्त कर लिया, जिसका इस्तेमाल शराब को ले जाने के लिए किया जा रहा था। वाहन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब को किस तरीके से छिपाकर ले जाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच है। हालांकि, शराब की वास्तविक कीमत और अन्य संबंधित विवरणों की पुष्टि जांच के दौरान की जा रही है। पुलिस ने बरामद शराब को जब्ती सूची में शामिल कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस मामले में ठाकुरगंज थाना कांड संख्या 286/2026 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2022 की धारा 30(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज दिया।
अब इस मामले की जांच का अगला चरण शराब की सप्लाई चेन का पता लगाना है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब कहां से लाई गई थी। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब को किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच में पुलिस फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज पर भी काम कर रही है। बैकवर्ड लिंकेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि शराब की खेप आरोपियों तक कहां से पहुंची। वहीं फॉरवर्ड लिंकेज में यह जांच की जाएगी कि बरामद शराब को आगे किसे और कहां सप्लाई किया जाना था।

किशनगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए शराब की अवैध आवाजाही पर पुलिस की निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिले की सीमाएं पश्चिम बंगाल समेत अन्य क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों या क्षेत्रों से आने वाले वाहनों की जांच के दौरान पुलिस लगातार निगरानी रख रही है।
बस स्टैंड मोड़ पर की जा रही वाहन जांच के दौरान हुई यह बरामदगी इसी निगरानी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का इससे पहले शराब तस्करी से कोई संबंध रहा है या नहीं। पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा सकती है। इसके अलावा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या दोनों आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हैं या यह शराब की खेप किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर ले जाई जा रही थी।
पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। शराब बंगाल से किस स्थान से लाई गई? इसे ठाकुरगंज में किसे देना था? क्या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है? और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शराब की खेप जब्त कर ली है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। टेंपो भी पुलिस के कब्जे में है। मामले से जुड़े दस्तावेज और बरामद सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पुलिस का कहना है कि शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ठाकुरगंज में हुई इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर अवैध शराब की तस्करी पर पुलिस की निगरानी का मामला सामने आया है। 106.25 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी और दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो इस पूरी सप्लाई चेन के पीछे हो सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने किसी बड़े नेटवर्क को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब की यह खेप कहां से आई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस तस्करी में कितने लोग शामिल थे।










