बाल विवाह जागरूकता: किशनगंज में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। तौहीद एजुकेशनल ट्रस्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किशोरियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में जानकारी दी गई और छात्राओं को अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में किशोरियों और महिलाओं को बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें शिक्षा जारी रखने, अपने अधिकारों को समझने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को यह समझाना रहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन सकती है।
कार्यक्रम में किशनगंज विधायक कमरुल हुदा ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने किशोरियों से बाल विवाह से दूर रहने और अपनी पढ़ाई जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से छात्राएं अपने भविष्य के लिए बेहतर विकल्प तैयार कर सकती हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

विधायक कमरुल हुदा ने कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलाई। शपथ के माध्यम से छात्राओं को कम उम्र में विवाह से दूर रहने और शिक्षा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
इस दौरान नगर परिषद किशनगंज के चेयरमैन इंद्रदेव पासवान ने भी छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने किशोरियों से अपनी शिक्षा जारी रखने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की बात कही। उन्होंने शिक्षा को आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए छात्राओं को अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ICDS सह नोडल पदाधिकारी WCDC बंदना पांडेय ने छात्राओं की करियर काउंसलिंग की। उन्होंने छात्राओं से उनके भविष्य के लक्ष्यों और करियर को लेकर चर्चा की। उन्होंने शिक्षा को बेहतर भविष्य की तैयारी का आधार बताते हुए छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
करियर काउंसलिंग के दौरान छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि पढ़ाई केवल स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य में रोजगार, आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत विकास के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छात्राओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य की दिशा तय करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन सह OSC सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर रोशनी परवीन ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह का प्रभाव किशोरियों की शिक्षा और उनके व्यक्तिगत विकास पर पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने किशोरियों और महिलाओं को उपलब्ध सहायता और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बाल विवाह को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। परिवार, स्कूल, समाज और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है। जब किशोरियों को शिक्षा, अधिकार और उपलब्ध सरकारी सहायता के बारे में जानकारी होगी, तो वे अपने भविष्य से जुड़े फैसलों को लेकर अधिक जागरूक हो सकेंगी।
WCDC के DMC शाहबाज आलम ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने छात्राओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने और जरूरत के अनुसार उनका लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं और किशोरियों के लिए उपलब्ध सहायता से संबंधित जानकारी साझा करना भी जागरूकता अभियान का हिस्सा रहा।
वहीं पूजा रामदास ने पोषण माह से संबंधित जानकारी छात्राओं के साथ साझा की। उन्होंने पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि किशोरियों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान देना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इन प्रस्तुतियों के जरिए छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में मौजूद छात्राओं के बीच उत्साह बढ़ाया और उन्हें अपनी प्रतिभा सामने रखने का अवसर दिया।
कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा भी मौजूद रहे। इसके अलावा तौहीद एजुकेशनल ट्रस्ट के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। विभिन्न विभागों और संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया।

आयोजन के दौरान बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता को केवल एक दिन के अभियान तक सीमित रखने के बजाय लगातार संवाद और जानकारी की जरूरत पर जोर दिया गया। किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करियर से जुड़े विकल्पों की जानकारी देना इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का अहम हिस्सा रहा।
किशनगंज में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने किशोरियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। साथ ही यह भी बताया गया कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में शिक्षा एक महत्वपूर्ण आधार हो सकती है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य किशोरियों को बाल विवाह के संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी देना और उन्हें कम उम्र में विवाह के बजाय शिक्षा तथा करियर पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करना रहा। छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और अपने भविष्य से जुड़े फैसलों को समझदारी के साथ लें।
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए परिवारों और समाज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया। किशोरियों को शिक्षा जारी रखने का अवसर देने और उनके भविष्य के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में परिवार की भूमिका अहम हो सकती है। इसी तरह स्कूल और सामाजिक संस्थाएं भी जागरूकता फैलाने में योगदान दे सकती हैं।
तौहीद एजुकेशनल ट्रस्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, करियर, स्वास्थ्य, पोषण और अधिकारों को एक साथ जोड़कर किशोरियों के समग्र विकास पर चर्चा की गई। अलग-अलग वक्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े विषयों की जानकारी छात्राओं के साथ साझा की।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। आयोजन का उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों तथा उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक करना रहा।
कुल मिलाकर, किशनगंज में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्या के खिलाफ संवाद बढ़ाने के साथ-साथ किशोरियों को शिक्षा, करियर, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने किशोरियों के बेहतर भविष्य के लिए जागरूकता और शिक्षा को महत्वपूर्ण आधार बताया।
कार्यक्रम में छात्राओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाना, करियर काउंसलिंग करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा करना इस आयोजन के प्रमुख हिस्से रहे। इसके साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला।
इस पूरे आयोजन का संदेश साफ रहा कि किशोरियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए उन्हें शिक्षा से जोड़ना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रयास के रूप में सामने आया।










