जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 22 अक्टूबर की रात का है। घटना पूर्णिया के रामबाग रोड पर रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच हुई थी। बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा अपनी गाड़ी से रामबाग रोड से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनके वाहन के आगे सदर थाना पुलिस की गाड़ी चल रही थी। पुलिस वाहन में सदर थाना प्रभारी राजू कुमार मौजूद थे।
बताया जाता है कि रास्ते में आगे निकलने को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। पूर्व सांसद की गाड़ी चला रहे ड्राइवर ने आगे चल रहे पुलिस वाहन को डिपर देकर पास मांगा। इसके बाद ड्राइवर और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली कहासुनी बढ़ने लगी और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

मामले में पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा का आरोप है कि इस दौरान सदर थाना प्रभारी राजू कुमार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस अधिकारी का पक्ष और विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए दोनों पक्षों की बात सामने आना जरूरी माना जा रहा है।
घटना के समय रामबाग रोड पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। सड़क पर मौजूद लोगों के सामने दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। विवाद बढ़ने के कारण मौके पर तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, मौके पर एसडीपीओ ने भी हस्तक्षेप किया, जिसके बाद काफी प्रयासों के बाद मामला शांत कराया गया।
घटना के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। एक तरफ पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने पुलिस अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवाद की शुरुआत वाहन को पास देने की बात को लेकर हुई कहासुनी से मानी जा रही है, लेकिन घटना के दौरान हुए व्यवहार और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जांच या दोनों पक्षों के बयान के बाद ही हो सकेगी।
शनिवार को पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने इस मामले को लेकर एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन से मुलाकात की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को घटना की जानकारी दी और लिखित आवेदन सौंपकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पूर्व सांसद ने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। इस कदम के बाद विवाद अब स्थानीय स्तर की बहस से आगे बढ़कर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पहुंच गया है।
बताया जा रहा है कि इन दिनों एमएलसी चुनाव से जुड़ी गतिविधियों के कारण प्रशासनिक अधिकारी व्यस्त हैं। इसी बीच पूर्व सांसद ने एसएसपी से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को किस तरह आगे बढ़ाता है और शिकायत के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

इस घटना ने पुलिस और आम नागरिकों के बीच व्यवहार तथा संवाद के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी भी सड़क पर वाहन को रास्ता देने या आगे निकलने जैसी स्थिति में विवाद उत्पन्न हो सकता है, लेकिन ऐसे मामलों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना जरूरी होता है। यदि किसी पक्ष को लगता है कि उसके साथ अनुचित व्यवहार हुआ है, तो शिकायत के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाना एक प्रक्रिया है। इस मामले में भी पूर्व सांसद ने एसएसपी से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस प्रशासन ने शिकायत पर कोई औपचारिक जांच शुरू की है या संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा गया है। न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्रवाई सार्वजनिक की गई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामले में किसकी गलती थी या आगे क्या कार्रवाई होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना के अन्य पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब पूर्णिया के इस विवाद पर सबकी नजर पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में पुलिस पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, रामबाग रोड पर हुई कहासुनी और उसके बाद एसएसपी तक पहुंची शिकायत ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है।










