कटिहार अवैध खाद मामला: बिहार के कटिहार जिले से एक मामला सामने आया है, जहां अवैध खाद की जांच करने पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी BDO रणवीर कुमार ने ग्रामीणों पर घेराव, धक्का-मुक्की, मारपीट, सोने की चेन छीनने और हथियार दिखाकर धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना में पंचायत के स्वच्छता सुपरवाइजर मोहम्मद जाकिर हुसैन के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। मामले को लेकर BDO ने अमदाबाद थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 27 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। उस समय BDO रणवीर कुमार अवैध खाद के भंडारण और बिक्री की जांच के लिए अमदाबाद प्रखंड क्षेत्र में निकले थे। उनके साथ पंचायत के स्वच्छता सुपरवाइजर मोहम्मद जाकिर हुसैन, दो अंचल गार्ड और एक सरकारी वाहन का ड्राइवर भी मौजूद था। जांच के दौरान टीम एक दुकान पर पहुंची, जहां खाद के अवैध भंडारण की आशंका जताई गई थी।
BDO रणवीर कुमार की शिकायत के अनुसार, जांच टीम मोहम्मद जाकिर नाम के एक व्यक्ति की दुकान पर पहुंची। शिकायत में संबंधित व्यक्ति के पिता का नाम तमीज अहमद बताया गया है। अधिकारी का आरोप है कि दुकानदार के नए मकान में दो शटर बंद थे और अंदर बिना लाइसेंस खाद रखी गई थी। इसी आधार पर टीम ने मौके की जांच शुरू की और घटनास्थल की तस्वीरें तथा वीडियो बनाए, ताकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को दर्ज किया जा सके।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान पहले करीब 15 लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद वहां ग्रामीणों की संख्या बढ़ती गई। BDO का आरोप है कि कुछ ही देर में लगभग 60 से 70 लोगों ने उन्हें और उनकी सरकारी गाड़ी को घेर लिया। इस दौरान कथित तौर पर अधिकारियों के साथ बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति ऐसी हो गई कि जांच टीम के सदस्यों को वहां से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
BDO रणवीर कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घेराव के दौरान उनके साथ छीना-झपटी की गई और उनके गले में पहनी करीब 26 ग्राम वजन की सोने की चेन छीन ली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस घटना में हथियार दिखाकर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। BDO के मुताबिक, मौके पर मौजूद कुछ लोगों के पास देसी पिस्तौल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद जब्त करने की कार्रवाई आगे बढ़ाने पर उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला केवल सरकारी काम में बाधा डालने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कथित धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के पहलुओं की भी जांच करनी होगी।
BDO ने स्वच्छता सुपरवाइजर मोहम्मद जाकिर हुसैन के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है। बताया गया है कि वह जांच टीम के साथ मौके पर मौजूद थे और कार्रवाई के दौरान उनके साथ भी कथित तौर पर हाथापाई हुई। इस घटनाक्रम ने सरकारी टीम की सुरक्षा और जांच के दौरान अधिकारियों को मिलने वाले सहयोग से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना के दौरान किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
शिकायत के अनुसार, कथित घेराव और विवाद के बीच BDO रणवीर कुमार ने फोन के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। उन्होंने मनिहारी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और अमदाबाद थानाध्यक्ष को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की ओर से मौके पर सहायता भेजी गई।

बताया गया है कि सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद सब-इंस्पेक्टर मधुसूदन घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने के बाद BDO और उनकी टीम वहां से सुरक्षित निकल सकी। अधिकारी के मुताबिक, घटना के कारण उन्हें मौके से लौटने में काफी समय लग गया और वह दोपहर बाद तीन से चार बजे के बीच वहां से निकल पाए।
BDO का कहना है कि घटनास्थल पर बनाए गए वीडियो आरोपियों की पहचान करने में मददगार हो सकते हैं। इसी वजह से घटना के तुरंत बाद शिकायत देने के बजाय उपलब्ध वीडियो और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपों का विवरण तैयार करने में समय लगा। इसके बाद 28 अक्टूबर को उन्होंने अमदाबाद थाने में लिखित आवेदन देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी शामिल है। BDO के मुताबिक, घटना के दौरान सरकारी गाड़ी के गेट और आगे लगे सरकारी बोर्ड को क्षतिग्रस्त किया गया। इस तरह मामले में कथित मारपीट, चेन छीनने, मोबाइल छीनने की कोशिश, हथियार दिखाकर धमकी देने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कई आरोप सामने आए हैं।
इस पूरे मामले का एक अहम पहलू अवैध खाद के भंडारण और बिक्री की जांच भी है। कृषि से जुड़े क्षेत्रों में खाद की उपलब्धता और उसकी वैध बिक्री किसानों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। यदि किसी स्थान पर बिना जरूरी लाइसेंस खाद का भंडारण या बिक्री किए जाने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विभाग और प्रशासन को नियमों के अनुसार जांच करनी होती है। हालांकि, अमदाबाद की इस घटना में खाद के भंडारण से जुड़े आरोपों की पुष्टि भी संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही की जा सकेगी।

फिलहाल BDO रणवीर कुमार की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत में 15 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बताया गया है। पुलिस के सामने अब घटनास्थल के वीडियो की जांच करने, संबंधित लोगों की पहचान करने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने जैसी चुनौतियां हैं।
यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी शिकायत में नाम आने मात्र से किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं हो जाता। मामले में सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
कटिहार के अमदाबाद में सामने आया यह मामला अवैध खाद की जांच, सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उत्पन्न होने वाले विवादों से जुड़ा है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है, जिससे यह पता चल सकेगा कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ, किसकी क्या भूमिका रही और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।










