
बैठक में महापौर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि दीपावली और छठ महापर्व से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शहर में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए विभिन्न स्थानों पर पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि शहर में स्वच्छता बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
महापौर उषा देवी अग्रवाल ने कहा कि दीपावली के अवसर पर बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ बढ़ जाती है। वहीं, छठ महापर्व के दौरान विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या जुटती है। ऐसे में सफाई, पेयजल, प्रकाश और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और पर्व से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
बैठक में शहर की साफ-सफाई को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। महापौर ने निर्देश दिया कि सभी वार्डों में नियमित रूप से कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा नहीं होने दिया जाए तथा नालों की सफाई समय पर कराई जाए। त्योहारों के दौरान घरों, दुकानों और बाजारों से निकलने वाले कचरे की मात्रा बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

महापौर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शहर के प्रमुख बाजारों, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। दीपावली के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने से यातायात और सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में संबंधित कर्मियों को पहले से जिम्मेदारी सौंपने और सफाई कार्यों की निगरानी करने की जरूरत बताई गई। नगर निगम का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान शहर में स्वच्छ वातावरण बना रहे और लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो।
छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए घाटों की साफ-सफाई पर भी विशेष चर्चा की गई। छठ बिहार के प्रमुख लोक आस्था के पर्वों में से एक है, जिसमें श्रद्धालु सूर्योपासना के लिए नदी, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे एकत्रित होते हैं। कटिहार में भी इस पर्व के दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए महापौर ने संबंधित अधिकारियों को घाटों और उनके आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में कहा गया कि घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति का जायजा लिया जाए। जहां रास्तों की मरम्मत की आवश्यकता हो, वहां समय रहते जरूरी काम पूरा कराया जाए। श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने और वहां से वापस लौटने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और पेयजल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। इन सुविधाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान सहूलियत देना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना है।

छठ घाटों पर सफाई के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखना भी नगर निगम की योजना का हिस्सा है। घाटों तक जाने वाले मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में कचरा जमा होने से लोगों को असुविधा हो सकती है। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सफाई अभियान केवल घाटों तक सीमित न रहे, बल्कि वहां तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास के इलाकों में भी नियमित रूप से सफाई कराई जाए।
बैठक में पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा गया। पर्याप्त रोशनी होने से शाम और सुबह के समय घाटों तक आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है। वहीं, पेयजल की व्यवस्था से श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन व्यवस्थाओं की समय रहते समीक्षा की जाए, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
नगर निगम के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को कहा गया कि सफाई, इंजीनियरिंग, पेयजल और अन्य संबंधित कार्यों को अलग-अलग देखने के बजाय आपसी सहयोग से पूरा किया जाए। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों की निगरानी करने और काम की प्रगति पर नजर रखने को कहा गया। उद्देश्य यह है कि किसी एक विभाग की लापरवाही के कारण त्योहारों की तैयारियों पर असर न पड़े।

सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनके कार्यों की निगरानी के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। नगर निगम प्रशासन चाहता है कि सफाई कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर दिखाई दे। इसके लिए कर्मचारियों की उपस्थिति और निर्धारित कार्यों की समीक्षा करने पर जोर दिया गया।
इस समीक्षा बैठक में उप महापौर मंजूर खान, नगर आयुक्त संतोष कुमार, सहायक अभियंता विवेक कुमार, विनीता, अभय सिंह, कनीय अभियंता अजय सिंह, स्वच्छता पदाधिकारी राहुल कुमार, नूर अली खान और स्वच्छता प्रभारी कैलाश नारायण चौधरी सहित नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में संबंधित अधिकारियों को उनके विभागों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने और त्योहारों से पहले जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
दीपावली और छठ महापर्व के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन की यह पहल शहर में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। त्योहारों के दौरान स्वच्छता बनाए रखना, घाटों तक पहुंचने के रास्तों को बेहतर करना, पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराना और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने प्रमुख जिम्मेदारियां हैं। इन व्यवस्थाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन होने पर आम लोगों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है।
फिलहाल, कटिहार नगर निगम ने दोनों पर्वों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब इन निर्देशों के आधार पर सफाई अभियान, घाटों की व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को किस तरह लागू किया जाता है, इस पर नजर रहेगी। नगर निगम का उद्देश्य है कि दीपावली और छठ महापर्व के दौरान शहर में स्वच्छता बनी रहे, श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में परेशानी न हो और दोनों पर्व श्रद्धा, उत्साह तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।










