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कटिहार प्रेम विवाह: कटिहार में प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का किया पिंडदान, बोले- अब हमारे लिए मर चुकी है शैजल

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कटिहार प्रेम विवाह: बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों, प्रेम विवाह और सामाजिक सोच को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यहां एक युवती के दूसरी जाति के युवक से प्रेम विवाह करने पर उसके परिवार ने उससे सारे संबंध तोड़ने का ऐलान कर दिया। नाराज पिता ने अपनी ही जीवित बेटी का श्राद्धकर्म और पिंडदान तक कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी ने परिवार की मर्यादा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है, इसलिए अब वह उनके लिए जीवित नहीं है। वहीं दूसरी ओर युवती का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और वह अपने पति के साथ खुश है।

यह पूरा मामला कटिहार जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत निझरा गांव का है। यहां रहने वाले पुरोहित श्याम ठाकुर की बेटी शैजल कुमारी ने 23 अक्टूबर को पहलागढ़ पंचायत के रहने वाले अजय पासवान के साथ प्रेम विवाह किया। बताया जा रहा है कि शैजल ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जबकि अजय पासवान समुदाय से आते हैं। दोनों के अलग-अलग जातियों से होने के कारण इस शादी का लड़की के परिवार ने विरोध किया।

जानकारी के मुताबिक, शैजल और अजय एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। दोनों के बीच करीब 11 साल से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। इस दौरान दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया और शादी करना चाहते थे। शैजल का दावा है कि उसने अपने परिवार को इस रिश्ते के लिए मनाने की कई बार कोशिश की, लेकिन परिजन इस विवाह के लिए तैयार नहीं हुए। आखिरकार दोनों ने अपनी इच्छा से शादी करने का निर्णय लिया।

कटिहार प्रेम विवाह
कटिहार प्रेम विवाह

शादी के बाद जब यह बात परिवार तक पहुंची तो घर में नाराजगी का माहौल बन गया। पिता श्याम ठाकुर बेटी के इस फैसले से इतने आहत बताए जा रहे हैं कि उन्होंने उससे रिश्ता खत्म करने की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं, उन्होंने बेटी के जीवित रहते हुए ही श्राद्धकर्म और पिंडदान की रस्में पूरी कर दीं। इस तरह पिता ने सामाजिक और धार्मिक परंपरा के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि अब शैजल से उनका कोई संबंध नहीं रहा।

श्याम ठाकुर का कहना है कि बेटी ने परिवार से अलग जाकर दूसरी जाति के युवक से शादी कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। इसी वजह से उन्होंने उसे अपने परिवार से अलग मान लिया है। पिता और भाई की ओर से भी यही बात कही जा रही है कि अब शैजल उनके लिए मर चुकी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे अहम बात यह है कि शैजल स्वयं अपने फैसले पर कायम हैं और उन्होंने शादी को अपनी मर्जी से लिया गया निर्णय बताया है।

शादी के बाद शैजल ने सोशल मीडिया पर करीब 36 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अपनी शादी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया और अपनी स्थिति स्पष्ट की। शैजल ने कहा कि वह अजय को पिछले 11 वर्षों से जानती हैं। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और लंबे समय से साथ जीवन बिताने की योजना बना रहे थे।

कटिहार प्रेम विवाह
कटिहार प्रेम विवाह

शैजल के मुताबिक, उन्होंने अपने परिवार को इस रिश्ते के बारे में बताया था और शादी के लिए राजी करने की कोशिश भी की थी। लेकिन परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद उन्होंने और अजय ने अपनी इच्छा से विवाह करने का फैसला किया। शैजल ने वीडियो में साफ कहा कि यह शादी किसी दबाव या मजबूरी में नहीं की गई है।

उन्होंने उन आशंकाओं को भी खारिज किया, जिनमें अपहरण या जबरन शादी की बात कही जा सकती थी। शैजल का कहना है कि उन्हें कोई उठाकर नहीं ले गया और न ही किसी ने उन पर शादी करने का दबाव बनाया। उन्होंने अपनी इच्छा से अजय के साथ विवाह किया है। युवती ने यह भी कहा कि वह अपने पति के साथ खुश हैं और उनके ससुराल पक्ष की ओर से भी उन पर कोई दबाव नहीं है।

शैजल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह और अजय दोनों बालिग हैं। इसलिए अपने जीवन और विवाह से जुड़े फैसले लेने का अधिकार रखते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सोच-समझकर यह कदम उठाया है और अब वह अपने पति के साथ आगे की जिंदगी बिताना चाहती हैं।

इस मामले में एक तरफ पिता का गुस्सा और परिवार की नाराजगी दिखाई दे रही है, तो दूसरी तरफ बेटी अपने फैसले को लेकर स्पष्ट नजर आ रही है। पिता ने बेटी के जीवित रहते ही उसका पिंडदान कर दिया, जबकि बेटी का कहना है कि वह अपने वैवाहिक जीवन में खुश है। इस घटना ने इलाके में लोगों के बीच चर्चा शुरू कर दी है। लोग इसे पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक परंपराओं और व्यक्तिगत फैसलों के नजरिए से देख रहे हैं।

कटिहार प्रेम विवाह
कटिहार प्रेम विवाह

दरअसल, प्रेम विवाह के मामलों में कई बार परिवार और युवाओं की पसंद के बीच टकराव देखने को मिलता है। जब विवाह अलग-अलग जातियों के बीच होता है, तो कुछ परिवारों में सामाजिक प्रतिष्ठा और परंपराओं को लेकर विरोध सामने आता है। हालांकि, इस मामले में शैजल की ओर से दिया गया बयान यह स्पष्ट करता है कि वह अपने विवाह को अपनी स्वतंत्र इच्छा से लिया गया फैसला मानती हैं।

यहां एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठता है कि क्या किसी व्यक्ति के जीवनसाथी का चुनाव परिवार की सहमति पर ही निर्भर होना चाहिए? या फिर बालिग युवक-युवतियों को अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए? भारतीय कानून के तहत बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार प्राप्त है। जाति या समुदाय अलग होने मात्र से किसी विवाह को गलत नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, हर मामले में संबंधित तथ्यों और कानूनी परिस्थितियों को अलग-अलग देखना जरूरी होता है।

फिलहाल, कटिहार के निझरा गांव का यह मामला इसी वजह से चर्चा में है कि एक ओर पिता ने अपनी बेटी से रिश्ता खत्म करने के लिए उसका प्रतीकात्मक श्राद्धकर्म कर दिया है, वहीं दूसरी ओर शैजल अपने पति के साथ रहने और खुशहाल जीवन बिताने की बात कह रही हैं।

कटिहार प्रेम विवाह
कटिहार प्रेम विवाह

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक मान्यताओं के नाम पर रिश्तों को किस हद तक तोड़ा जाना चाहिए। क्या असहमति का समाधान बातचीत से नहीं निकल सकता? क्या अलग जाति में विवाह करने का फैसला माता-पिता और बच्चों के बीच जीवनभर की दूरी की वजह बनना चाहिए?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शैजल ने अपने वीडियो में शादी को स्वेच्छा से किया गया विवाह बताया है। उन्होंने अपहरण और दबाव की बातों से इनकार किया है। वहीं उनके पिता और भाई ने उनसे संबंध खत्म करने की बात कही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ी चिंता यही है कि एक शादी के फैसले ने परिवार के भीतर इतना गहरा विवाद पैदा कर दिया है।

कटिहार की यह घटना सिर्फ एक प्रेम विवाह की कहानी नहीं है, बल्कि यह परिवार, सामाजिक परंपराओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच पैदा हुए टकराव को भी सामने लाती है। अब देखना होगा कि समय के साथ परिवार और बेटी के बीच संवाद की कोई गुंजाइश बनती है या यह दूरी यूं ही बनी रहती है।

 

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