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अररिया बिजली हादसा: अररिया में 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में मजदूर की मौत, 24 घंटे बाद हुई पहचान

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अररिया शहर के ओम नगर, वार्ड नंबर-8 में पेड़ की टहनी काटने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां करीब 52 वर्षीय मजदूर की 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही मजदूर की जान चली गई। घटना के बाद मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी और करीब 24 घंटे तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मृतक के परिजनों तक पहुंची, जिसके बाद परिवार के लोग अररिया नगर थाना पहुंचे और शव की पहचान की। मृतक की पहचान रानीगंज प्रखंड के महसेली वार्ड नंबर-4 निवासी इदरीश बैठा के रूप में हुई है। इदरीश की अचानक हुई मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया गया कि इदरीश बैठा करीब 52 वर्ष के थे और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, वह रोज की तरह मंगलवार को भी मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। घर से निकलते समय परिवार को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी विदाई साबित होगी। इदरीश अपने रोजमर्रा के काम के सिलसिले में घर से निकले, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। सामान्य तौर पर काम खत्म होने के बाद उनके घर लौटने की उम्मीद परिवार को थी, लेकिन रात बीतने लगी और इदरीश घर नहीं पहुंचे। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।

परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर से इदरीश की तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया गया और संभावित स्थानों पर उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद इदरीश का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार के लोग लगातार उनकी तलाश में जुटे रहे। इसी बीच बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से परिजनों को अररिया शहर के ओम नगर में एक मजदूर की बिजली तार की चपेट में आने से मौत की जानकारी मिली। जानकारी में बताया गया था कि पेड़ की टहनी काटने के दौरान एक मजदूर 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आ गया था और उसकी मौत हो गई थी। शव की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी।

अररिया बिजली हादसा
अररिया बिजली हादसा

सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार के लोगों को आशंका हुई कि मृतक व्यक्ति इदरीश बैठा हो सकते हैं। इसके बाद परिजन तत्काल अररिया नगर थाना पहुंचे। वहां पुलिस से घटना के संबंध में जानकारी ली गई और मृतक के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। नगर थाना पहुंचने के बाद परिजनों ने शव को देखा। शव देखते ही परिवार के लोगों ने उसकी पहचान इदरीश बैठा के रूप में की। पहचान होते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस व्यक्ति की तलाश परिवार पिछले करीब 24 घंटे से कर रहा था, उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिजन पूरी तरह टूट गए।

परिजनों के अनुसार, इदरीश परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। मजदूरी करके मिलने वाली आमदनी से ही घर का खर्च चलता था। परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटे और दो बेटियां हैं। इदरीश की अचानक हुई मौत से परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ-साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि घर की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा इदरीश के कंधों पर था। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आगे की जिंदगी चलाने और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती पैदा हो गई है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों ने बिजली के तारों और पेड़ों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली लाइनों के आसपास पेड़ की टहनियों की छंटाई या कटाई के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। यदि बिजली के तार पेड़ों के नजदीक हों तो काम करने वाले मजदूरों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों पर काम शुरू करने से पहले बिजली आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग के स्तर पर आवश्यक सावधानी बरती जानी चाहिए।

इस हादसे ने बिजली के हाई वोल्टेज तारों के आसपास काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन के संपर्क में आने पर कुछ ही क्षणों में जानलेवा हादसा हो सकता है। पेड़ की टहनियों की कटाई जैसे काम में मजदूरों को कई बार तारों की वास्तविक दूरी का अंदाजा नहीं हो पाता। ऐसी परिस्थितियों में यदि उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो तो हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बिजली लाइनों के आसपास उगे पेड़ों और उनकी टहनियों की समय-समय पर जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से छंटाई कराई जाए।

अररिया बिजली हादसा
अररिया बिजली हादसा

इदरीश बैठा की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों के मुताबिक वह मेहनत-मजदूरी करके अपने बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियां पूरी कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह रोज की तरह काम खत्म करने के बाद घर लौट आएंगे। लेकिन रात तक उनके घर नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश बुधवार को एक दर्दनाक खबर में बदल गई। करीब 24 घंटे बाद सोशल मीडिया के जरिए परिवार को घटना की जानकारी मिली और फिर नगर थाना पहुंचकर शव की पहचान की गई।

मृतक के परिवार ने प्रशासन से मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकारी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। परिजनों का कहना है कि परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। चार बेटों और दो बेटियों वाले परिवार के सामने भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता परिवार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

वहीं, इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि बिजली विभाग और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमित निरीक्षण करें। खासकर उन स्थानों पर जहां बिजली के हाई वोल्टेज तार पेड़ों या रिहायशी इलाकों के नजदीक से गुजरते हैं, वहां संभावित खतरे को पहले से चिन्हित करने की जरूरत है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की खतरनाक टहनियों की छंटाई और बिजली लाइनों की सुरक्षा जांच होती रहे तो ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जा सकता है।

इस घटना में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि हादसे के बाद करीब 24 घंटे तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी। यदि सोशल मीडिया के जरिए घटना की जानकारी परिजनों तक नहीं पहुंचती, तो परिवार को इदरीश के बारे में जानकारी मिलने में और समय लग सकता था। सोशल मीडिया पर सामने आई घटना की जानकारी के आधार पर परिवार नगर थाना पहुंचा और वहां शव की पहचान की गई। इसके बाद परिवार को अपने प्रियजन की मौत की पुष्टि हुई।

अररिया बिजली हादसा
अररिया बिजली हादसा

फिलहाल अररिया के ओम नगर में हुए इस बिजली हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। एक तरफ जहां इदरीश बैठा के परिवार के सामने कमाने वाले सदस्य को खोने का दर्द है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोग बिजली के हाई वोल्टेज तारों के आसपास काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों की मांग है कि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और पेड़ों की छंटाई जैसे काम को सुरक्षित तरीके से कराया जाए।

52 वर्षीय इदरीश बैठा अब अपने पीछे पत्नी, चार बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह सिर्फ एक सदस्य की मौत नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आर्थिक व्यवस्था के अचानक टूट जाने जैसा है। परिजनों ने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई के साथ आर्थिक सहायता की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी बिजली विभाग से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। अररिया का यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि हाई वोल्टेज बिजली लाइनों के आसपास काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी बरती जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

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