अररिया शराब बरामद: बिहार के अररिया जिले में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिलने का दावा किया गया है। जोकीहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक DCM ट्रक से करीब 2160 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान राम प्रसाद के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 41 वर्ष बताई जा रही है और वह सुपौल जिले के भपटियाही का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, जोकीहाट थाना क्षेत्र में शराब की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने अररिया-बहादुरगंज मार्ग पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान काकन टोल टैक्स के पास संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई। पुलिस टीम आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रख रही थी।
इसी निगरानी के दौरान पुलिस को एक DCM ट्रक संदिग्ध नजर आया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक के अंदर छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद होने का दावा किया गया। शराब मिलने के बाद पुलिस ने ट्रक और उसमें मौजूद चालक को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने बरामद शराब की मात्रा करीब 2160 लीटर बताई है। शराब की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस ने मामले को शराब तस्करी के नेटवर्क से जोड़कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे बिहार के किस इलाके में पहुंचाया जाना था।
अररिया के एसडीपीओ सुशील कुमार के मुताबिक, पुलिस को पहले से शराब की खेप के संबंध में सूचना मिली थी। इसके आधार पर अररिया-बहादुरगंज मार्ग पर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की निगरानी और जांच लगातार की जा रही है, क्योंकि यह रास्ता बंगाल की तरफ से आने वाली शराब की खेप के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों में शामिल बताया जाता है।
गिरफ्तार आरोपी राम प्रसाद से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस शराब की खेप से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि ट्रक में शराब किसने लोड कराई थी, इसे किस स्थान से रवाना किया गया था और बिहार में इसे कहां पहुंचाया जाना था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या गिरफ्तार चालक अकेले इस पूरी गतिविधि में शामिल था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की तस्करी में कई स्तरों पर लोगों की भूमिका हो सकती है। इसलिए पुलिस सिर्फ वाहन चालक तक जांच सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि शराब की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस ने शराब के साथ DCM ट्रक को भी जब्त कर लिया है। वाहन की जांच के अलावा पुलिस उससे जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों को भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और इसे शराब की खेप के परिवहन के लिए किस तरह इस्तेमाल किया गया।

अररिया-बहादुरगंज मार्ग पर शराब तस्करी को लेकर पुलिस की सक्रियता पहले भी देखने को मिली है। एसडीपीओ के अनुसार, इसी महीने जोकीहाट थाना क्षेत्र में करीब 6 हजार लीटर अंग्रेजी शराब पहले भी बरामद की जा चुकी है। लगातार हो रही बरामदगी के बाद पुलिस इस रूट से जुड़े संभावित तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस के लिए यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर एक ही इलाके से लगातार बड़ी मात्रा में शराब की खेप पकड़ी जा रही है, तो इसके पीछे संगठित तरीके से काम करने वाला नेटवर्क होने की आशंका की जांच की जा सकती है। हालांकि, किसी बड़े नेटवर्क की मौजूदगी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
शराब बरामदगी के बाद पुलिस ने जब्त शराब को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। DCM वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जांच अधिकारियों के सामने कई सवाल हैं। सबसे पहला सवाल शराब की खेप के स्रोत को लेकर है। दूसरा सवाल यह है कि इसे किस व्यक्ति या समूह तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रूट पर पहले से कितने लोग शराब की तस्करी में सक्रिय हो सकते हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शराब की तस्करी रोकने के लिए प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की जांच बढ़ाई गई है। खास तौर पर ऐसे वाहनों पर नजर रखी जा रही है, जिनमें सामान छिपाकर ले जाने की आशंका हो। DCM जैसे बड़े मालवाहक वाहनों की तलाशी के दौरान पुलिस उनके अंदर रखे सामान और छिपाने के संभावित स्थानों की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस का कहना है कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की कोशिश है कि केवल शराब की खेप पकड़ने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि उसके पीछे काम करने वाले नेटवर्क का पता लगाया जाए।

वहीं, इस मामले में गिरफ्तार राम प्रसाद की भूमिका को लेकर पुलिस जांच जारी है। फिलहाल पुलिस के अनुसार वह DCM का चालक था और उसी के कब्जे से शराब की खेप बरामद की गई। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और उसकी वास्तविक भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
पूरे मामले में अब पुलिस बरामद शराब के स्रोत, ट्रक की आवाजाही और आरोपी से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इससे पहले इस तरह की कोई खेप इसी रूट से लाई गई थी या नहीं।
जोकीहाट थाना क्षेत्र में पहले भी बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के दावे के बाद इस ताजा कार्रवाई को पुलिस की लगातार निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है। अररिया-बहादुरगंज मार्ग पर निगरानी बढ़ाने के साथ पुलिस अब तस्करी के संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल 2160 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद होने के मामले में DCM ट्रक पुलिस के कब्जे में है और आरोपी चालक गिरफ्तार है। पुलिस पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। शराब की खेप कहां से आई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।










