कटिहार समर कैंप: विभाग के निर्देशानुसार राज्यभर के विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश के दौरान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष समर कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इसी पहल के तहत कटिहार समर कैंप की शुरुआत उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिरसा, प्रखंड कटिहार में विधिवत रूप से की गई। यह कार्यक्रम कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य बच्चों में बौद्धिक, रचनात्मक और सामाजिक कौशल का विकास करना है।
समर कैंप का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों का समय व्यतीत कराना नहीं है, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकें। इस दिशा में कटिहार जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
1 जून 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में भव्य तरीके से किया गया। उद्घाटन समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार चौधरी और प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर विद्यालय का पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ दिखाई दिया।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अभिभावक और शिक्षक-शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि समर कैंप बच्चों के समग्र विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकते हैं और नई चीजें सीख सकते हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार चौधरी ने कहा कि इस कटिहार समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि इस कैंप के माध्यम से बच्चों में भाषा कौशल, गणितीय समझ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, कला, संगीत, खेलकूद और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में शिक्षा का अर्थ केवल परीक्षा पास करना नहीं है, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है। समर कैंप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो बच्चों को सीखने के नए अवसर प्रदान करता है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने जानकारी दी कि यह समर कैंप 1 जून से 21 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल 68 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
कैंप के दौरान एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें कहानी वाचन, कविता पाठ, शब्द अंत्याक्षरी और गणितीय खेल जैसी गतिविधियां शामिल हैं, जो बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता को मजबूत करती हैं।
इसके अलावा बच्चों के लिए चित्रकला, पेपर क्राफ्ट, मिट्टी के खिलौने बनाना, योग अभ्यास, खेलकूद, लोकगीत, नृत्य और नाटक जैसी रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के भीतर छिपी हुई प्रतिभा को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही जीवन कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

उद्घाटन दिवस पर बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने स्वागत गीत और समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का मन मोह लिया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। अभिभावकों ने इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि इससे बच्चों का ग्रीष्मावकाश न केवल उपयोगी बन रहा है, बल्कि वे नई चीजें भी सीख रहे हैं।
अभिभावकों का मानना है कि ऐसे समर कैंप बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं और उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की पहल शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मदद करती है।

कार्यक्रम का समापन प्रधानाध्यापक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार इस समर कैंप के सफल संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी ऐसी गतिविधियों को जारी रखा जाएगा।
निष्कर्ष
कटिहार समर कैंप न केवल बच्चों के शैक्षणिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की पहल से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और वे भविष्य में बेहतर नागरिक बनने की ओर अग्रसर होते हैं। शिक्षा विभाग की यह पहल निश्चित रूप से राज्य के शिक्षा स्तर को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।










