यह प्रतियोगिता 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक शहर के शहीद अशफाकउल्ला खां स्टेडियम, खगड़ा में आयोजित की जा रही है। इसमें अंडर-14 और अंडर-17 बालक वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और उन्हें आगे राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में शिक्षा विभाग, खेल विभाग और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया और खेलों के महत्व पर जोर दिया गया।

स्टेडियम परिसर को प्रतियोगिता के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। आयोजन स्थल पर लगाए गए बैनर पर ‘खेलेगा बिहार, खिलेगा बिहार’ का संदेश दिया गया है। यह संदेश खेलों के जरिए बच्चों की प्रतिभा को निखारने और बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की भावना को दर्शाता है। परिसर में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और जिला प्रशासन के लोगो भी लगाए गए हैं।
उद्घाटन समारोह के दौरान जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने खेल को केवल जीत और हार तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे अनुशासन, एकता, मेहनत और टीम भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम बताया। फुटबॉल जैसे टीम खेल में हर खिलाड़ी की भूमिका अहम होती है। मैदान पर सफलता के लिए खिलाड़ियों को एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर खेलना पड़ता है। यही गुण बच्चों के जीवन में भी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से स्कूली टीमें किशनगंज पहुंची हैं। इन खिलाड़ियों के लिए यह अपने कौशल को साबित करने का अवसर है। मैदान पर खिलाड़ियों को अपनी गति, पासिंग, गेंद पर नियंत्रण, रणनीति और टीम के साथ तालमेल का प्रदर्शन करना होगा। अलग-अलग जिलों की टीमें बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगी।

अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में प्रतियोगिता आयोजित होने से अलग-अलग आयु समूह के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। स्कूल स्तर पर होने वाले ऐसे आयोजन बच्चों को शुरुआती दौर से ही प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का अनुभव देते हैं। इससे उन्हें अपनी कमजोरियों को पहचानने और अपने खेल में सुधार करने का अवसर मिलता है।
फुटबॉल में केवल शारीरिक क्षमता ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि मैदान पर सही समय पर सही फैसला लेना भी जरूरी होता है। खिलाड़ियों को विपक्षी टीम की रणनीति समझनी होती है, अपने साथियों को पास देना होता है और गोल करने के अवसर तैयार करने होते हैं। इसी तरह डिफेंस में खेलने वाले खिलाड़ियों को विरोधी टीम के हमलों को रोकने के लिए सतर्क रहना पड़ता है। गोलकीपर की भूमिका भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस तरह हर खिलाड़ी का प्रदर्शन टीम के नतीजे पर असर डाल सकता है।
किशनगंज में आयोजित यह प्रतियोगिता ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों से आने वाली प्रतिभाओं के लिए भी अहम मंच है। कई बार बच्चों में खेल के प्रति अच्छी क्षमता होती है, लेकिन उन्हें बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं ऐसे खिलाड़ियों को पहचान दिलाने में मदद कर सकती हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में उच्च स्तर के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर सकते हैं।
आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से खिलाड़ियों के रहने, खाने और खेल मैदान से संबंधित व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाली टीमों के लिए इन व्यवस्थाओं का महत्व काफी अधिक है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलना जरूरी है। मैदान की तैयारी, खिलाड़ियों की सुविधा और आयोजन से जुड़े प्रबंध किसी भी खेल प्रतियोगिता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। खेल और संस्कृति का यह मेल कार्यक्रम को और खास बनाता है। ऐसे आयोजन बच्चों को खेल के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक भागीदारी से जुड़ने का अवसर भी देते हैं। मैदान में मौजूद खिलाड़ियों और अन्य लोगों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।
SGFI यानी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़ी खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक उद्देश्य स्कूली स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर उपलब्ध कराना है। राज्य स्तरीय मुकाबले बच्चों के लिए सीखने का भी माध्यम होते हैं। यहां उन्हें दूसरे जिलों की टीमों के साथ खेलने, नई रणनीतियों को समझने और दबाव की स्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने का अनुभव मिलता है।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूली उम्र में खेलों से जुड़ना बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करने में मदद कर सकता है। नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भागीदारी से खिलाड़ियों में लक्ष्य निर्धारित करने और मेहनत के साथ उसे हासिल करने की आदत विकसित होती है। फुटबॉल जैसे खेल बच्चों को सामूहिक प्रयास और आपसी सहयोग का महत्व भी सिखाते हैं।
किशनगंज में अगले तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों को अपनी मेहनत और तैयारी का प्रदर्शन करना होगा। हर टीम की कोशिश रहेगी कि वह बेहतर खेल दिखाए और प्रतियोगिता में आगे बढ़े। खिलाड़ियों के लिए यह केवल पदक या जीत हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि अपने अनुभव और क्षमता को बेहतर बनाने का भी मौका है।
जिला प्रशासन और खेल विभाग की भागीदारी से आयोजित यह प्रतियोगिता किशनगंज में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन स्थानीय स्तर पर खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और बच्चों को मैदान से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यदि स्कूली स्तर पर नियमित प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध हों, तो भविष्य में अधिक बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।
कुल मिलाकर, किशनगंज के शहीद अशफाकउल्ला खां स्टेडियम में SGFI राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का आगाज खेल प्रेमियों और स्कूली खिलाड़ियों के लिए उत्साह लेकर आया है। 14 से 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग की टीमें मैदान पर अपना दम दिखाएंगी। अब सभी की नजरें अगले तीन दिनों के मुकाबलों पर हैं, जहां युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, मेहनत और टीम भावना से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करेंगे।










