किशनगंज बेटी बचाओ अभियान: किशनगंज जिले में महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन तथा वन स्टॉप सेंटर, किशनगंज द्वारा आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम प्रखंड किशनगंज स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पुराना खगड़ा में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं, महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।

बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं की भागीदारी
कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्र की महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न सत्रों में भाग लिया और महिला सुरक्षा तथा अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त असमानता को दूर कर महिलाओं और बालिकाओं को आत्मविश्वास से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है।
महिला सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों द्वारा कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें महिला सुरक्षा, बाल विवाह की रोकथाम, घरेलू हिंसा, जेंडर आधारित हिंसा, माहवारी स्वच्छता और लैंगिक समानता जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल थे।
अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में वे चुप न रहें और तुरंत संबंधित हेल्पलाइन या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें। उन्हें यह भी समझाया गया कि समाज में अपनी आवाज उठाना उनका अधिकार है और कानून उनके साथ खड़ा है।

POSH और POCSO अधिनियम की जानकारी
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कानूनी जागरूकता से जुड़ा रहा। इसमें प्रतिभागियों को POSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम) और POCSO (बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि ये कानून महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं और इनके तहत सख्त सजा का प्रावधान है। छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में वे बिना डर के शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
मासिक धर्म स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के दौरान माहवारी स्वच्छता पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किशोरियों को स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान छात्राओं के बीच स्वच्छता किट का वितरण भी किया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके बारे में खुलकर बात करना जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को स्वच्छता अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इनमें मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल थीं।
अधिकारियों ने समझाया कि इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और छात्राओं को आपातकालीन और सहायता सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर सकती हैं—
- महिला हेल्पलाइन: 181
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- आपातकालीन सेवा: 112
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930
अधिकारियों ने कहा कि ये सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करती हैं।
महिला सशक्तिकरण का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया। सभी प्रतिभागियों ने यह वचन लिया कि वे समाज में महिलाओं के अधिकारों और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
आयोजकों ने कहा कि जब तक समाज में बालिकाओं को समान अवसर और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।
अधिकारियों और संस्थाओं की भागीदारी
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन और वन स्टॉप सेंटर, किशनगंज के कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विद्यालय परिवार, स्थानीय महिलाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं भी इस आयोजन का हिस्सा बनीं।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं और किशोरियों तक जागरूकता पहुंचाई जा सके।
निष्कर्ष
किशनगंज में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इसमें न केवल छात्राओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनने के लिए प्रेरित भी किया गया।
सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी से सशक्त होकर अब उम्मीद की जा रही है कि जिले की बालिकाएं शिक्षा और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगी।










