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मांगुर मछली जब्त: कटिहार में 50 क्विंटल प्रतिबंधित मांगुर मछली पकड़ी गई, 3 कारोबारी हिरासत में; कोलकाता से पूर्णिया जा रही थी खेप

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मांगुर मछली जब्त: कटिहार में प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली के खिलाफ मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने रोतारा टोल प्लाजा के पास मछली से लदे एक वाहन को रोककर करीब 50 क्विंटल प्रतिबंधित मांगुर मछली बरामद की। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मछली मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान वाहन से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मछली की यह खेप कोलकाता से पूर्णिया ले जाई जा रही थी।

जिला मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत एक गुप्त सूचना के आधार पर हुई। विभाग को जानकारी मिली थी कि एक वाहन के जरिए प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली की बड़ी खेप को बिहार के रास्ते दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने टीम तैयार की और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की।

इसी दौरान रोतारा टोल प्लाजा के पास टीम ने एक वाहन को रोका। वाहन की जांच की गई तो उसमें भारी मात्रा में मछली लदी मिली। अधिकारियों ने मछली की पहचान प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर के रूप में की। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया और वाहन से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया।

मांगुर मछली जब्त
मांगुर मछली जब्त

जिला मत्स्य पदाधिकारी सनद कुमार सिंह ने बताया कि विभाग को पहले से इस खेप के संबंध में सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त मछली की मात्रा करीब 50 क्विंटल बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मछली मिलने के बाद विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मत्स्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज थाई मांगुर के पालन, बिक्री, परिवहन और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद अगर कोई व्यक्ति इसका कारोबार या परिवहन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जब्त की गई करीब 50 क्विंटल मछली को नियमों के तहत नष्ट कर दिया गया है।

कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान अभिजीत, कलीम और अब्दुल्ला के रूप में हुई है। अब अधिकारियों की जांच का फोकस सिर्फ जब्त की गई मछली तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरी सप्लाई चेन को समझने की कोशिश की जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मछली आखिर आई कहां से थी और इसे पूर्णिया में किस व्यक्ति या कारोबारी तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की खेप बिहार के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाई जाती रही है।

मांगुर मछली जब्त
मांगुर मछली जब्त

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मछली की खेप कोलकाता से पूर्णिया ले जाई जा रही थी। ऐसे में जांच एजेंसियां अब उस रूट और उससे जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं। वाहन चालक और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

इस मामले में पूछताछ के दौरान कारोबारियों की ओर से कथित तौर पर एक गंभीर दावा किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर थाना मैनेज करने और लंबे समय से इस तरह का कारोबार चलाने की बात कही। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस और संबंधित विभाग इस दावे की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कारोबारियों ने जो बात कही है, उसमें कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में प्रतिबंधित मछली के कारोबार को लेकर किसी स्तर पर मिलीभगत थी। फिलहाल इस तरह के दावे को जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

कटिहार में हुई इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मांगुर मछली एक साथ पकड़ी गई है। इससे संकेत मिलता है कि प्रतिबंध के बावजूद इसके परिवहन और कारोबार की कोशिश की जा रही है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

नेपाल में हालिया बाढ़ के बाद बिहार में मछली की सप्लाई और उसके सेवन को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ी हुई है। सीमावर्ती और प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री की निगरानी के साथ-साथ मछली के परिवहन और बिक्री पर भी नजर रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत कटिहार मत्स्य विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित मछलियों के कारोबार को रोकने के लिए निगरानी और जांच अभियान जारी रहेगा। खासकर दूसरे राज्यों से आने वाली मछली की खेप की जांच की जा रही है, ताकि प्रतिबंधित प्रजातियों को बाजार तक पहुंचने से रोका जा सके।

मांगुर मछली जब्त
मांगुर मछली जब्त

कटिहार में रोतारा टोल प्लाजा के पास हुई कार्रवाई में एक तरफ करीब 50 क्विंटल मछली जब्त की गई, वहीं दूसरी तरफ तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। अब जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि यह खेप किसने भेजी थी, वाहन किसके नाम पर था, मछली की खरीद कहां हुई थी और पूर्णिया में इसे किस कारोबारी या बाजार तक पहुंचाया जाना था।

अगर जांच में यह सामने आता है कि प्रतिबंधित मछली का कारोबार किसी संगठित नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा था, तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। पुलिस और मत्स्य विभाग उन सभी संभावित संपर्कों की जांच कर सकते हैं, जो इस सप्लाई चेन से जुड़े हुए हैं।

वहीं, हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद मछली से जुड़े दस्तावेज, वाहन की जानकारी और परिवहन के रास्ते से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए।

इस पूरी कार्रवाई के बाद कटिहार के मछली कारोबार से जुड़े लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है। प्रतिबंधित प्रजातियों के खिलाफ विभाग की सख्ती से साफ है कि अवैध परिवहन को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

फिलहाल करीब 50 क्विंटल चाइनीज थाई मांगुर मछली नष्ट की जा चुकी है और तीन कारोबारी हिरासत में हैं। पुलिस और मत्स्य विभाग की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस बड़ी खेप के पीछे कौन लोग हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।

कटिहार की इस कार्रवाई ने एक बार फिर प्रतिबंधित मछलियों के अवैध कारोबार पर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी नजर जांच पर है कि पुलिस और मत्स्य विभाग इस नेटवर्क की कितनी गहराई तक पहुंच पाते हैं और क्या कथित तौर पर थाना मैनेज करने के दावे की भी कोई पुष्टि होती है। फिलहाल प्रशासन का संदेश साफ है—प्रतिबंधित मछली के कारोबार और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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