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सीमांचल के मुद्दे: सीमांचल के मुद्दों पर अख्तरुल ईमान की प्रेस कॉन्फ्रेंस, AMU और सड़क परियोजनाओं को लेकर दी जानकारी

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किशनगंज में सीमांचल के विभिन्न मुद्दों को लेकर AIMIM बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दारुल ईमान, किशनगंज में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्षेत्र की शिक्षा, सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाल के दिनों में केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई मुलाकातों और सीमांचल से जुड़े मुद्दों को उनके सामने रखे जाने की जानकारी भी साझा की गई।

अख्तरुल ईमान ने बताया कि सीमांचल के कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर पार्टी स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय यानी AMU का किशनगंज केंद्र, क्षेत्र में सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामले तथा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की बुनियादी समस्याएं शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की। इस दौरान किशनगंज स्थित AMU केंद्र के विकास और उससे जुड़े विभिन्न विषयों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने रखा गया।

सीमांचल के मुद्दे
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बैठक में AMU किशनगंज केंद्र के लिए प्रस्तावित 29 शिक्षण पदों को जल्द स्वीकृति देने की मांग रखी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन पदों में चार प्रोफेसर, छह एसोसिएट प्रोफेसर और 19 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल की ओर से यह मुद्दा उठाया गया कि शिक्षकों की नियुक्ति से केंद्र की शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा AMU किशनगंज केंद्र के निर्माण कार्य से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन यानी NMCG से संबंधित प्रतिबंधों का मुद्दा उठाया गया, जिनके कारण निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात कही गई। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में आवश्यक समाधान की मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने रखी।

AMU किशनगंज केंद्र के लिए आवंटित राशि से जुड़े मामले को भी प्रतिनिधिमंडल ने उठाया। रिपोर्टों के मुताबिक, 100 करोड़ रुपये के आवंटन में से लंबित 90 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की गई। साथ ही किशनगंज केंद्र को पर्याप्त शैक्षणिक और भौतिक सुविधाओं के साथ विकसित करने की बात कही गई।

अख्तरुल ईमान की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन मुद्दों को सीमांचल के व्यापक विकास से जोड़कर बताया गया। क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर AMU केंद्र का विषय प्रमुखता से सामने आया।

इसके साथ ही सीमांचल में सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों को लेकर भी केंद्रीय स्तर पर हुई बातचीत की जानकारी दी गई। AIMIM प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात में बिहार के सीमांचल क्षेत्र की सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए।

सीमांचल के मुद्दे
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प्रतिनिधिमंडल की ओर से प्रस्तावित मोरग्राम-मालदा-मुर्शिदाबाद-सिलीगुड़ी फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के संबंध में भी अपनी मांग रखी गई। इसमें कटिहार जिले के बारसोई से होकर प्रस्तावित मूल अलाइनमेंट को बनाए रखने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी और स्थानीय लोगों की आवाजाही से जुड़े विषयों को भी सामने रखा।

सड़क और कनेक्टिविटी के मुद्दे केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन को आसान बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थायी आरसीसी पुलों और अतिरिक्त घाटों की आवश्यकता का भी मुद्दा उठाया। इन मांगों को स्थानीय लोगों की आवाजाही और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से जोड़कर केंद्रीय मंत्री के सामने रखा गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोचाधामन, जोकीहाट और बायसी समेत सीमांचल के अलग-अलग इलाकों की सड़क और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर लोगों को सड़क, आवागमन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें संबंधित स्तर पर उठाने की बात कही गई।

कोचाधामन विधायक सरवर आलम ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। बताया गया कि क्षेत्र की समस्याओं को प्रतिनिधिमंडल की ओर से विस्तार से रखा गया और संबंधित विभागों तक उन्हें पहुंचाने का प्रयास किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री की ओर से संबंधित विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बातचीत भी की गई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किए जाने की बात कही गई। हालांकि, इन मामलों में आगे की वास्तविक प्रगति संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

अख्तरुल ईमान ने कहा कि सीमांचल के मुद्दों को अलग-अलग स्तरों पर उठाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उनका कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय राज्य और केंद्र सरकार के संबंधित विभागों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि जिन मामलों में केंद्रीय स्तर पर निर्णय की जरूरत है, उन पर कार्रवाई हो सके।

इस दौरान मंत्री के समक्ष समस्याओं को रखने और उन्हें सुनने के लिए आभार भी व्यक्त किया गया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से उम्मीद जताई गई कि सड़क, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों पर आगे आवश्यक कार्रवाई होगी।

सीमांचल के मुद्दे
सीमांचल के मुद्दे

वहीं, AMU किशनगंज केंद्र का मुद्दा सीमांचल में लंबे समय से शिक्षा और उच्च शिक्षा के अवसरों से जुड़ा विषय रहा है। मौजूदा बातचीत में शिक्षकों की नियुक्ति, निर्माण कार्य, वित्तीय संसाधन और केंद्र के व्यापक विकास से जुड़े मुद्दों को सामने रखा गया है। AMU की आधिकारिक वेबसाइट पर भी किशनगंज केंद्र से संबंधित 2026 के विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध है।

ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय स्तर पर उठाए गए इन मुद्दों पर संबंधित विभागों की ओर से आगे क्या कार्रवाई होती है। खासकर AMU किशनगंज केंद्र से जुड़े शिक्षण पदों, निर्माण और वित्तीय मामलों तथा सीमांचल की सड़क परियोजनाओं को लेकर आगे की प्रक्रिया क्या रहती है।

अख्तरुल ईमान की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए AIMIM ने सीमांचल के शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में रखा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की ओर से हाल की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकातों की जानकारी साझा की गई और बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र से जुड़े कई मामलों को संबंधित मंत्रालयों के सामने रखा है।

कुल मिलाकर, किशनगंज में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमांचल के कई प्रमुख मुद्दे सामने आए। एक तरफ AMU किशनगंज केंद्र के विकास, शिक्षकों की नियुक्ति, निर्माण और फंड से जुड़े मामले हैं, तो दूसरी तरफ सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मुद्दे हैं। कोचाधामन, जोकीहाट और बायसी जैसे क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं को भी चर्चा में शामिल किया गया।

अब इन मांगों और उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आगे देखने वाली बात होगी। फिलहाल AIMIM की ओर से कहा गया है कि सीमांचल के मुद्दों को संबंधित स्तर पर लगातार उठाया जाता रहेगा और क्षेत्र की शिक्षा, सड़क तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ सामने रखा जाएगा।

 

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