किशनगंज जिले में प्रस्तावित सेना कैंप के निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और चिंता के बीच कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। शुक्रवार को सांसद डॉ. जावेद ने किशनगंज के जिला पदाधिकारी विशाल राज से मुलाकात कर कैंप निर्माण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और अनुरोध किया कि सेना कैंप का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जाए, जहां कम से कम लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़े।

मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने बताया कि वर्तमान प्रस्ताव के तहत किशनगंज जिले के कोचाधामन अंचल के सतभीट्टा कन्हैयाबाड़ी, बहादुरगंज अंचल के नटुआ पाड़ा और सकोर मौजा क्षेत्र में करीब 250 एकड़ जमीन पर सेना कैंप बनाए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर बड़ी संख्या में किसान निर्भर हैं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय किसानों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया है।

डॉ. मोहम्मद जावेद ने आशंका जताई कि यदि प्रस्तावित स्थान पर ही सेना कैंप का निर्माण होता है, तो हजारों लोग बेघर और भूमिहीन हो सकते हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होंगी। उन्होंने जिला पदाधिकारी को इन संभावित प्रभावों से अवगत कराते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों के जीवन और आजीविका की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

सांसद ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि सेना कैंप के लिए वैकल्पिक स्थानों पर विचार किया जाए, जहां न्यूनतम विस्थापन हो और कम से कम लोगों की आजीविका प्रभावित हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगा और ऐसा समाधान निकालेगा, जिससे सुरक्षा आवश्यकताओं और जनहित के बीच संतुलन बनाया जा सके।

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