किशनगंज सदर अस्पताल में कार्यरत सुरक्षाकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मंगलवार को यह हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे अस्पताल परिसर में हलचल बनी रही। हड़ताल पर बैठे सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से एसएसआईएस कंपनी के माध्यम से सदर अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।

हड़ताली सुरक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि सुपरवाइजर अक्सर काम से निकालने की धमकी देते हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। सुरक्षाकर्मियों के अनुसार उन्हें एक मजदूर से भी कम वेतन दिया जाता है, वह भी समय पर नहीं मिलता, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

सुरक्षाकर्मियों ने यह भी बताया कि उन्हें आज तक नियमित वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) नहीं दी गई है और न ही समय पर पीएफ जमा किया जाता है। इससे भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी वे चिंतित हैं।
हड़ताली कर्मियों की प्रमुख मांगों में पूर्व सैनिक गार्डों का मासिक वेतन 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 से 25 हजार रुपए करना शामिल है। वहीं सिविल गार्डों के वेतन को 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 से 20 हजार रुपए करने की मांग भी रखी गई है। इसके अलावा प्रति माह चार दिन का अवकाश, समय पर वेतन भुगतान, वेतन पर्ची उपलब्ध कराने और कंपनी द्वारा पहले किए गए वादे के अनुसार वर्दी, जूते, बेल्ट, टोपी और लाठी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की जा रही है।

सभी सुरक्षाकर्मियों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगा। वहीं इस हड़ताल का असर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से सुरक्षाकर्मियों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है।
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