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अररिया निबंधन कार्यालय छेड़छाड़ मामले में बड़ा खुलासा

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अररिया जिला निबंधन कार्यालय में दशकों पुराने भूमि अभिलेखों से छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस बहुचर्चित प्रकरण के मुख्य आरोपी जोकीहाट थाना क्षेत्र के तुरकैली वार्ड नंबर 11 निवासी सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए भूमि से अवैध लाभ लेने की बात कबूल की है।

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अररिया के पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह मामला वर्ष 1960 के एक पुराने और महत्वपूर्ण भूमि अभिलेख से जुड़ा हुआ है। जिला निबंधन कार्यालय के अभिलेखापाल मोहम्मद सफी अनवर द्वारा 15 दिसंबर 2025 को नगर थाना में कांड संख्या 505/25 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में अभिलेख संख्या 10272, जिल्द संख्या 65, पृष्ठ संख्या 344 से 346 (वर्ष 1960) में गंभीर छेड़छाड़ की बात सामने आई थी।

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पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निबंधन कार्यालय से मूल अभिलेख को हटाकर उसकी जगह फर्जी दस्तावेज रखे गए थे। केवाला संख्या 10272 में तीन अतिरिक्त नाम जोड़कर अवैध रूप से भूमि पर दावा मजबूत करने की कोशिश की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंजनी कुमार के निर्देश पर सदर एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान और छापेमारी दल का गठन किया गया। इस टीम में नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक और अपर थानाध्यक्ष संजीव कुमार भी शामिल थे।

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लगातार अनुसंधान और छापेमारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि उसने भूमि से जुड़े लाभ लेने के उद्देश्य से निबंधन कार्यालय के अभिलेखों में बदलाव करवाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने यह भी स्वीकार किया है कि उसने इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए कार्यालय के एक कर्मचारी को रिश्वत दी थी।

बताया जा रहा है कि यह मामला दिसंबर 2025 में सामने आए निबंधन कार्यालय के एक बड़े घोटाले का हिस्सा है। उस समय मूल अभिलेख गायब कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें आउटसोर्सिंग कर्मी और बाहरी लोग शामिल थे। इस खुलासे के बाद भूमि माफिया नेटवर्क की संलिप्तता की आशंका और गहरा गई है।

एसपी अंजनी कुमार ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर थाना पुलिस ने इस मामले में बुधवार को दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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