अररिया जिले के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आने वाली है। वर्षों से लंबित नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही इसे शुरू करने की तैयारी की जा रही है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से अररिया आरएस क्षेत्र में बने इस केंद्र में एएनएम, जीएनएम और पैरामेडिकल जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके शुरू होने से जिले के लगभग 200 छात्र-छात्राओं को नर्सिंग और चिकित्सा शिक्षा का लाभ मिलेगा।

इस नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उस समय के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा किया गया था। शुरुआत में इसका लक्ष्य वर्ष 2019 से प्रशिक्षण कार्य शुरू करने का था, लेकिन निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी के कारण यह परियोजना कई वर्षों तक अधर में लटकी रही। परिणामस्वरूप, स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या राज्यों का रुख करना पड़ता था।

केंद्र के निर्माण में हो रही देरी को लेकर स्थानीय सांसदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कई बार आवाज उठाई थी। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से मुलाकात कर इसे शीघ्र शुरू कराने की मांग की थी। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा केंद्र को जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया गया, जिससे निर्माण कार्य में फिर से तेजी आई।

वर्तमान स्थिति को लेकर निर्माण कार्य देख रही एजेंसी के केयरटेकर संजीव कुमार ने बताया कि पिछले चार महीनों से कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण से जुड़ा लगभग सारा काम पूरा हो चुका है और अब केवल औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया बाकी रह गई है। वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) संतोष कुमार ने जानकारी दी कि एकेडमिक भवन पूरी तरह बनकर तैयार है, जबकि छात्रावास (हॉस्टल) का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है और इसे अगले एक से डेढ़ महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र के शुरू होने से अररिया और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और जिले में स्वास्थ्य ढांचे के सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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