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किशनगंज अस्पताल में एम्बुलेंस चालक ने किया मरीज का इलाज

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किशनगंज जिले के फातिमा हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अस्पताल का संचालक डॉक्टर की भूमिका में नजर आया। संचालक असलम आलम, जो पेशे से एम्बुलेंस चालक बताए जा रहे हैं, बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के एक घायल मरीज के पैर में टांके लगाते हुए दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

किशनगंज अस्पताल में एम्बुलेंस चालक ने किया मरीज का इलाज
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यह मामला फरिंगोला क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के पास स्थित फातिमा हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल का है। जानकारी के अनुसार, असलम आलम ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर इस नर्सिंग होम की स्थापना की थी, जिसे किशनगंज स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण भी प्राप्त है। हालांकि, पंजीकरण होने के बावजूद अस्पताल में चिकित्सा नियमों और मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

किशनगंज अस्पताल में एम्बुलेंस चालक ने किया मरीज का इलाज
किशनगंज अस्पताल में एम्बुलेंस चालक ने किया मरीज का इलाज

आरोप है कि असलम आलम के पास न तो किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज की डिग्री है और न ही नर्सिंग या पैरामेडिकल क्षेत्र से संबंधित कोई योग्यता। इसके बावजूद वे मरीजों का स्वयं इलाज करते हैं। बताया जा रहा है कि वे अन्य अस्पतालों से मरीजों को रेफर करवाकर या एम्बुलेंस के जरिए सीधे अपने नर्सिंग होम में लाते हैं और फिर बिना किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की मौजूदगी के उपचार शुरू कर देते हैं।

इस तरह की गैरकानूनी और अवैज्ञानिक चिकित्सा प्रैक्टिस से मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और निजी अस्पतालों को दिए जा रहे पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने भी ऐसे नर्सिंग होम को अनुमति देने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।

किशनगंज अस्पताल में एम्बुलेंस चालक ने किया मरीज का इलाज
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वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिला पदाधिकारी विशाल राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने कहा, “मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

यह घटना बिहार में निजी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों के उल्लंघन, फर्जी या बिना योग्यता के इलाज और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को एक बार फिर उजागर करती है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.

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