किशनगंज जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने फातिमा हेल्थ केयर हॉस्पिटल में औचक छापेमारी कर गहन जांच की। डीएम के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच टीम अचानक अस्पताल पहुंची, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। जांच टीम में सिविल सर्जन समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

जांच के दौरान टीम ने अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं, स्टाफ की योग्यता, ड्यूटी रोस्टर और मरीजों के रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की गई और यह जानने की कोशिश की गई कि मरीजों का इलाज किन लोगों द्वारा और किस योग्यता के आधार पर किया जा रहा है।

इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो है, जिसमें एक व्यक्ति घायल मरीज के पैर में टांके लगाते हुए नजर आ रहा था। वीडियो सामने आने के बाद यह गंभीर सवाल उठे कि क्या बिना चिकित्सकीय योग्यता वाले लोग अस्पताल में इलाज कर रहे हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति असलम आलम है, जो पेशे से एम्बुलेंस चालक बताया जा रहा है और अस्पताल के संचालन से भी जुड़ा हुआ है।

हालांकि, छापेमारी के समय उक्त व्यक्ति अस्पताल में मौजूद नहीं मिला, जिसके कारण जांच टीम उसका बयान दर्ज नहीं कर सकी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन से इस पूरे मामले पर लिखित जवाब तलब किया है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो में सामने आए तथ्यों और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीरता से जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मिली जानकारियों के आधार पर अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि नियमों के उल्लंघन या अवैध रूप से इलाज किए जाने की पुष्टि होती है, तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी फातिमा हेल्थ केयर हॉस्पिटल से जुड़े कुछ वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई की बात सामने आई थी। ताजा जांच ने एक बार फिर जिले में निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











