किशनगंज पुलिस ने जाली लॉटरी माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक शसंतोष कुमार के निर्देशन में की गई छापेमारी में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में जाली लॉटरी कूपन जब्त किए गए।

पुलिस ने देर रात 22 जनवरी 2026 को कसेरा पट्टी रोड, वार्ड संख्या 05 में सघन छापेमारी की। इस दौरान मो. नसीम सहित कुल पांच अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मौके से 2,61,500 जाली लॉटरी कूपन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा ₹23,894 नकद, अवैध कारोबार का पूरा हिसाब-किताब दर्ज 38 भरी हुई डायरी/रजिस्टर, तथा अपराध में प्रयुक्त 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त ने खुलासा किया कि यह गिरोह बिहार और पश्चिम बंगाल से जाली लॉटरी टिकट छपवाकर किशनगंज और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर सप्लाई करता था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोग अब भी सक्रिय हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अवैध कारोबार केवल आम जनता को आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचा रहा था, बल्कि यह संगठित अपराध के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने का मजबूत नेटवर्क बन चुका था। अब इस पूरे नेटवर्क पर कानून का शिकंजा कस दिया गया है।

किशनगंज थाना में कांड संख्या-59/28, दिनांक 23.01.2026 दर्ज कर अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस की धाराएं 318(4), 316(2), 336(2), 338, 111(2), 61(2) एवं लॉटरी अधिनियम 1993 की धारा 3/4 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इन अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी रखने की योजना बना रही है।
किशनगंज पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में जाली लॉटरी पर रोक लगाने और आम जनता को आर्थिक शोषण से बचाने में बड़ी सफलता मिली है।
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