बिहार के Kishanganj में रविवार को Ali Khamenei के निधन की खबर फैलने के बाद शिया मुस्लिम समुदाय में गहरा शोक देखा गया। ईरान के सर्वोच्च नेता माने जाने वाले खामनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए शहर के मोती बाग करबला में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। श्रद्धांजलि सभा में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सैकड़ों लोग शामिल हुए और पूरे इलाके में गमगीन माहौल दिखाई दिया।

मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि
शाम के समय आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर खामनेई को याद किया। कई लोग काले कपड़े पहने हुए थे और हाथों में काले झंडे लिए हुए थे। शिया समुदाय की पारंपरिक शोक-प्रदर्शन परंपरा के तहत कुछ लोगों ने छाती पीटकर मातम भी मनाया। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों की आंखों में आंसू दिखाई दिए और माहौल बेहद भावुक हो गया।

शहर में निकाला गया जुलूस
श्रद्धांजलि सभा के बाद शहर में एक बड़ा जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में युवाओं, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां ले रखी थीं। इन पर “खामनेई मारोगे, हर घर से खामनेई निकलेगा”, “Israel मुर्दाबाद” और “United States मुर्दाबाद” जैसे नारे लिखे थे।
जुलूस में शामिल लोग विभिन्न नारों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़े। कई प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पश्चिमी देशों की नीतियों के खिलाफ भी नारेबाजी की।

लोगों ने बताया समुदाय के लिए बड़ी क्षति
जुलूस में शामिल एक युवक ने कहा कि खामनेई केवल Iran के नेता ही नहीं थे, बल्कि दुनिया भर के शिया मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक मार्गदर्शक माने जाते थे। उनके अनुसार, उनकी मृत्यु की खबर से शिया समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है और यह पूरी शिया उम्माह के लिए बड़ी क्षति है।

स्थानीय नेताओं ने भी व्यक्त किया शोक
कार्यक्रम के दौरान समुदाय के कई स्थानीय नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह अली खामनेई एक प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तित्व थे, जिन्होंने लंबे समय तक शिया मुसलमानों को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेताओं ने यह भी कहा कि उन्होंने फिलिस्तीन और लेबनान जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुखर होकर अपनी बात रखी थी।
नेताओं ने कहा कि उनकी मृत्यु की खबर से समुदाय में गहरा दुख है, लेकिन साथ ही लोगों में एकजुटता और संघर्ष की भावना भी मजबूत हुई है।
देर शाम तक चलता रहा कार्यक्रम
श्रद्धांजलि सभा और जुलूस देर शाम तक चलता रहा। शहर के विभिन्न इलाकों से आए लोगों ने इसमें भाग लेकर खामनेई के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और समुदाय की एकता का संदेश दिया।
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