किशनगंज: जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं। निर्धारित 25 दिनों के अंतराल पूरा होने के बावजूद कई लोग सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और आईवीआरएस के माध्यम से बुकिंग करने की कोशिश करने पर उन्हें लगातार ‘नो बुकिंग’ या ‘ट्राई अगेन लेटर’ जैसे संदेश मिल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनका समय और संसाधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं और असंतोष बढ़ रहा है।

पहले सिलेंडर की बुकिंग लगभग 15-20 दिनों के भीतर आसानी से हो जाती थी, लेकिन मार्च 2026 में लागू हुए नए नियमों के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। विशेषकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब हैं। गैस न मिलने के कारण कई परिवारों को लकड़ी, कोयला और उपलों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। कई बार फोन उठाए ही नहीं जाते और जब जवाब मिलता है तो ‘सिस्टम की समस्या’ बताकर मामला टाल दिया जाता है।
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में वैश्विक ऊर्जा संकट और जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिनों तक बताई जा रही है। हालांकि, इस नीति के कारण उपभोक्ताओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन का दावा है कि किशनगंज में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। प्रशासन के अनुसार जिले में 9,500 से अधिक सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और होम डिलीवरी भी 2-3 दिनों के भीतर की जा रही है। अफवाहों और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है।

फिर भी, जमीनी हकीकत और प्रशासन के दावों में अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर उनका आक्रोश बढ़ सकता है।
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