बिहार के किशनगंज जिले में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई एक साथ कई जिलों और राज्यों में की गई, जिससे प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।

सुबह-सुबह शुरू हुई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे EOU की टीम किशनगंज स्थित एसडीपीओ गौतम कुमार के सरकारी आवास और कार्यालय पहुंची। तीन वाहनों में पहुंचे लगभग एक दर्जन अधिकारियों ने बिना समय गंवाए दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजातों की गहन जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
कई जिलों और राज्यों में एक साथ छापेमारी
EOU की यह कार्रवाई केवल किशनगंज तक सीमित नहीं रही। बिहार के पटना, पूर्णिया, अररिया, सहरसा और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में उनके संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी जांच एजेंसियां सक्रिय रहीं, जहां से जुड़े लेन-देन और संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस समन्वित कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।

1.94 करोड़ की संदिग्ध संपत्ति का आरोप
EOU के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, एसडीपीओ गौतम कुमार पर अपनी वैध आय से लगभग 1.94 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया गया है।
अधिकारियों का मानना है that विभिन्न स्थानों पर निवेश, अचल संपत्तियों और बैंक खातों के माध्यम से इस कथित संपत्ति को छिपाने की कोशिश की गई हो सकती है।

सेवा रिकॉर्ड और पूर्व तैनाती
गौतम कुमार वर्तमान में किशनगंज में एसडीपीओ के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे पटना में BMP-5 में डीएसपी के रूप में तैनात रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया और तस्करी के खिलाफ कई अभियानों को अंजाम दिया था, जिससे वे चर्चा में भी रहे।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना
EOU अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी अभी जारी है और कई अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद है। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी।
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