किशनगंज जिले में एक निजी नर्सिंग होम में नवजात की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हकीम चौक स्थित सनशाइन नर्सिंग होम में रविवार देर रात हुई इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और नर्सिंग होम के कर्मचारी घटनास्थल छोड़कर फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के चाकुलिया थाना क्षेत्र के कहानियां गांव निवासी मासूमा को प्रसव पीड़ा के चलते इस नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्होंने एक नवजात को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ ही समय बाद बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। जब उन्होंने उसे किसी बेहतर अस्पताल में ले जाने की बात कही, तो नर्सिंग होम के कर्मियों ने कथित तौर पर उन्हें जबरन एक अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इस दौरान विरोध करने पर परिजनों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

आर्थिक पहलू को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन के लिए 22 हजार रुपये तय किए गए थे, जिसमें से 9 हजार रुपये पहले ही जमा कराए जा चुके थे। इसके बावजूद उचित इलाज नहीं दिया गया।
घटना के बाद नर्सिंग होम में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परिजनों के विरोध और हंगामे के बीच नर्सिंग होम के सभी कर्मचारी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों से लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नर्सिंग होम के संचालन और उसकी वैधता की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद जिले में निजी नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली और उनकी वैधता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.










