बिहार में अंचल स्तर के अधिकारियों की जारी हड़ताल के बीच अब साइबर ठगों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरकारी कामकाज प्रभावित होने का फायदा उठाकर ठग आम लोगों को निशाना बना रहे हैं और खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर जमीन से जुड़े काम जल्द कराने के नाम पर पैसे की मांग कर रहे हैं।

बिहार के कई जिलों से इस तरह की शिकायतें सामने आने लगी हैं। लोगों को फोन कर यह कहा जा रहा है कि उनका जमीन संबंधित काम अटका हुआ है, जिसे जल्दी निपटाने के लिए उन्हें कुछ राशि देनी होगी। प्रशासन ने इन कॉल्स को पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी का हिस्सा बताया है।
इसी बीच किशनगंज में प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी जव्वाद आलम को पोठिया अंचल का प्रभारी अंचल अधिकारी बनाया गया है। पदभार संभालते ही उन्होंने कार्यालय व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
जव्वाद आलम ने स्पष्ट किया कि अंचल कार्यालय में सभी आवश्यक सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं और आम जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व हड़ताल का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और अवैध रूप से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और न ही किसी को पैसे दें। जमीन से संबंधित किसी भी कार्य के लिए सीधे अंचल कार्यालय जाकर ही प्रक्रिया पूरी करें।
इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ठगी की कोशिश की जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को देने को कहा गया है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हड़ताल के कारण पहले से ही काम प्रभावित था, और अब साइबर ठगी की घटनाओं ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके साथ ही आम लोगों से भी जागरूक और सतर्क रहने की अपील की गई है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
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