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किशनगंज में बाबा कमलीशाह के उर्स मेले की धूम,

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किशनगंज, बिहार। जिले के कदमरसूल स्थित बाबा कमलीशाह की दरगाह पर इस वर्ष भी तीन दिवसीय उर्स मेले का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। बैसाख माह के पहले दिन से शुरू हुआ यह मेला क्षेत्र में आस्था, परंपरा और सांप्रदायिक सौहार्द का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

 

दूर-

किशनगंज में बाबा कमलीशाह के उर्स मेले की धूम,
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दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु

उर्स मेले में इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिलों से भी लोग बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश से भी श्रद्धालु दरगाह पर पहुंचकर चादरपोशी कर रहे हैं।

किशनगंज में बाबा कमलीशाह के उर्स मेले की धूम,
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हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

यह मेला अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग समान आस्था के साथ बाबा कमलीशाह की मजार पर चादर चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दुआ मांगते हैं। यह परंपरा वर्षों से लगातार जारी है, जो सामाजिक एकता का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करती है।

किशनगंज में बाबा कमलीशाह के उर्स मेले की धूम,
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मान्यता और आस्था

स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा कमलीशाह अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। जिन लोगों की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं, वे उर्स के अवसर पर आकर चादरपोशी कर आभार व्यक्त करते हैं। वहीं, नए श्रद्धालु भी अपनी मन्नतें लेकर दरगाह पहुंचते हैं और बाबा से दुआ मांगते हैं।

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तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा

परंपरा के अनुसार, यह उर्स मेला तीन दिनों तक चलता है। पहले दिन मेले की शुरुआत और धार्मिक आयोजन होते हैं, जबकि दूसरे दिन बाबा कमलीशाह से जुड़े पवित्र वस्तुओं के दर्शन कराए जाते हैं। तीसरे दिन विशेष प्रार्थनाओं और रस्मों के साथ आयोजन का समापन होता है।

दरगाह के खादिमों के अनुसार, इस दौरान बाबा की रहमत विशेष रूप से सभी श्रद्धालुओं पर बरसती है और मन्नतें पूरी होने की आस्था और भी मजबूत होती है।

गंगा-जमुनी तहजीब का केंद्र

दरगाह के मौलवियों का कहना है कि उर्स के मौके पर बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भी शामिल होते हैं, जो इस स्थान को सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे का जीवंत उदाहरण बनाता है। किशनगंज-बहादुरगंज मुख्य सड़क किनारे स्थित यह दरगाह हर वर्ष उर्स के दौरान विशेष रौनक और आध्यात्मिक माहौल से भर जाती है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में मेले को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है, और प्रशासन द्वारा भी भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.

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