अवैध खनन कार्रवाई: किशनगंज जिले के बेलवा क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं पर शिकंजा कस दिया है। ढोक नदी किनारे लंबे समय से चल रहे बालू और मिट्टी के अवैध उठाव के खिलाफ प्रशासन ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें कई ट्रैक्टर और अन्य वाहन जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई बेलवा क्षेत्र के टेंगरमारी इलाके में की गई, जहां लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि रात के समय नदी किनारे बड़े पैमाने पर बालू और मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर एसडीएम अनिकेत कुमार और एसडीपीओ-1 खुसरो सिराज के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई।

प्रशासनिक टीम जैसे ही ढोक नदी के किनारे पहुंची, वहां अवैध तरीके से खनन का कार्य जारी था। नदी से बालू निकालने के लिए कई ट्रैक्टर और वाहन लगाए गए थे। अधिकारियों को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ चालक अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए, जबकि कई वाहनों को प्रशासन ने मौके पर ही जब्त कर लिया।
जब्त किए गए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को संबंधित थाने भेज दिया गया है। प्रशासन ने सभी वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध अनुमति के किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह गैरकानूनी है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को कड़ी चेतावनी भी दी। प्रशासन ने कहा कि अवैध खनन केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। लगातार हो रहे अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और आसपास के क्षेत्रों में कटाव का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध खनन के कारण सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बिना अनुमति के बालू और मिट्टी का कारोबार करने वाले लोग सरकारी नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से लाखों रुपये का लाभ कमा रहे हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि बेलवा और टेंगरमारी इलाके में लंबे समय से रात के अंधेरे में अवैध खनन का कारोबार चल रहा था। भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कों की हालत खराब हो चुकी थी। गांव के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती थी और कई बार दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।
ग्रामीणों ने बताया कि रातभर ट्रैक्टर और बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण इलाके में शोरगुल बना रहता था। कई बार लोगों ने प्रशासन से शिकायत भी की, लेकिन खनन माफिया लगातार सक्रिय थे। अब प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन केवल पर्यावरण के लिए खतरा नहीं है, बल्कि इससे गांव की शांति और सुरक्षा भी प्रभावित होती है। कई बार खनन से जुड़े लोगों और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो जाती थी। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई को लोग जरूरी कदम मान रहे हैं।
एसडीएम अनिकेत कुमार ने कहा कि जिले में कहीं भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन लगातार ऐसे क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है, जहां अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि आगे भी इसी तरह छापेमारी अभियान चलाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं एसडीपीओ खुसरो सिराज ने कहा कि खनन माफियाओं की गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर है। उन्होंने बताया कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं अवैध खनन की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। नदियों से लगातार बालू निकाले जाने के कारण जलस्तर प्रभावित होता है और नदी के आसपास के इलाकों में कटाव की समस्या बढ़ जाती है। इससे खेती और ग्रामीण जीवन पर भी असर पड़ता है। कई मामलों में अवैध खनन के कारण पुल और सड़कें भी कमजोर हो जाती हैं।
पर्यावरणविदों के अनुसार, नदी से अत्यधिक मात्रा में बालू निकालने से जैव विविधता पर भी असर पड़ता है। नदी में रहने वाले जीव-जंतु और जलीय पर्यावरण प्रभावित होते हैं। यही कारण है कि सरकार ने खनन के लिए सख्त नियम बनाए हैं और केवल वैध अनुमति के तहत ही सीमित खनन की इजाजत दी जाती है।
हालांकि इसके बावजूद कई इलाकों में खनन माफिया नियमों की अनदेखी कर अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की सख्ती बेहद जरूरी मानी जा रही है। बेलवा और टेंगरमारी इलाके में हुई यह कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन भविष्य में भी इसी तरह सख्त कदम उठाएगा, जिससे अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे नियमित निगरानी की जाए और रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि खनन माफिया दोबारा सक्रिय न हो सकें।
फिलहाल प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में डर का माहौल है। जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और प्रशासन आगे भी इस तरह के अभियान चलाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जिले में अवैध खनन को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।











