ठाकुरगंज चेंगा नदी धंसी पुलिया: बिहार के किशनगंज जिले में मानसून की शुरुआत के साथ ही कई इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमजोरियां सामने आने लगी हैं। ठाकुरगंज प्रखंड के मानिकपुर और मुरारीगछ को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर स्थित पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। चेंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव के कारण पुलिया के नीचे की मिट्टी बह गई है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है और इस मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण चेंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी में तेज बहाव के चलते पुलिया के आसपास दबाव बढ़ता गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पुलिया के मुहाने पर लंबे समय से जमा जलकुंभी, झाड़ियां और अन्य कचरा पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने लगे। पानी का बहाव रुकने से दबाव सीधे पुलिया और उसके नीचे की मिट्टी पर पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप मिट्टी का कटाव शुरू हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही इस समस्या की जानकारी दी गई थी, लेकिन समय रहते सफाई और मरम्मत का काम नहीं कराया गया। नतीजतन अब सड़क की नींव कमजोर हो चुकी है और कई स्थानों पर गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क का एक हिस्सा धंसने के बाद लोगों में भय का माहौल है कि कहीं पूरा मार्ग ही न टूट जाए।

यह सड़क ठाकुरगंज प्रखंड को पश्चिम बंगाल सीमा के नजदीक स्थित मुरारीगछ क्षेत्र से जोड़ती है। क्षेत्र के लोगों के लिए यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि जीवनरेखा के समान है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। किसान अपनी उपज को बाजार तक पहुंचाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। खासकर चायपत्ती, अनानास, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई इसी सड़क के माध्यम से होती है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई तो कृषि उत्पादों का परिवहन प्रभावित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। कई छोटे व्यापारी और किसान पहले से ही मौसम की मार झेल रहे हैं। ऐसे में सड़क बंद होने से उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के मौसम में यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष चेंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव की समस्या सामने आती है। हालांकि इस बार स्थिति अधिक गंभीर है क्योंकि पुलिया के नीचे का हिस्सा काफी कमजोर हो चुका है। लोगों का कहना है कि यदि तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं। उन्होंने धंसे हुए हिस्से के आसपास पेड़ों की डालियां, बांस और झाड़ियां लगाकर अस्थायी चेतावनी संकेत तैयार किए हैं। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को खतरे की जानकारी देना है, ताकि रात के समय या तेज गति से आने वाले वाहन दुर्घटना का शिकार न हों।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है। वास्तविक समस्या का समाधान तभी संभव है जब प्रशासन तत्काल तकनीकी जांच कराकर पुलिया और सड़क की मरम्मत कराए। साथ ही नदी में जमा जलकुंभी और कचरे की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क का संपर्क टूट गया तो आसपास के कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय और बाजारों से संपर्क प्रभावित हो जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नदी किनारे स्थित सड़कों और पुलियों की नियमित निगरानी आवश्यक है। मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर कटाव की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त पुलिया की तत्काल मरम्मत कराई जाए, सड़क को सुरक्षित बनाया जाए और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।

फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग कब तक स्थिति का जायजा लेकर मरम्मत कार्य शुरू करता है। ग्रामीणों का मानना है कि समय पर हस्तक्षेप से न केवल संभावित हादसों को रोका जा सकता है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
चेंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और धंसी हुई पुलिया की यह तस्वीर एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती और नियमित रखरखाव की आवश्यकता को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।










