किशनगंज मादक पदार्थ तस्करी: किशनगंज जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले की पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ, वाहन और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
यह कार्रवाई किशनगंज पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर कोचाधामन थाना क्षेत्र में की गई, जहां विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर तस्करों को दबोच लिया।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि जिले के कोचाधामन इलाके से होकर मादक पदार्थों की बड़ी खेप दूसरे राज्यों में भेजी जाने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
जैसे ही संदिग्ध वाहन की गतिविधि की पुष्टि हुई, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो तस्करों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिससे तस्करों को भागने का कोई मौका नहीं मिला।

भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद
पुलिस की इस कार्रवाई में 2.357 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किया गया है, जो स्मैक या हेरोइन जैसी श्रेणी का बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मादक पदार्थ उच्च गुणवत्ता का है और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है।
पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ की कीमत लगभग 4 करोड़ 70 लाख रुपये आंकी गई है। यह अब तक जिले में की गई बड़ी बरामदगियों में से एक मानी जा रही है।
इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग तस्करी नेटवर्क से जुड़े संपर्कों और लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा
जांच के दौरान यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों का संबंध एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से है। इनमें से एक आरोपी का संबंध पश्चिम बंगाल से और दूसरे का संबंध बिहार के मधेपुरा जिले से बताया जा रहा है।
पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और विभिन्न राज्यों में मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल रहा है। अब पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच कर रही है।

पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि किशनगंज पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना और त्वरित निर्णय का परिणाम है, जिसमें पुलिस टीम ने बेहतरीन समन्वय दिखाया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में ऐसे अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।

विशेष टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में गठित विशेष पुलिस टीम की भूमिका अहम रही। टीम ने तकनीकी निगरानी, सूचना तंत्र और फील्ड इनपुट के आधार पर तस्करों को ट्रैक किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टीम ने कई दिनों तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और सही समय पर कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह भी बताया गया कि टीम ने बिना किसी सार्वजनिक हंगामे के पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे तस्करों को किसी प्रकार की भनक तक नहीं लगी।
नशा मुक्त किशनगंज अभियान
किशनगंज पुलिस लंबे समय से जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत लगातार छापेमारी, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि नशे के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता भी जरूरी है।
इस कार्रवाई को भी उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त कर तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस दोनों गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
इसके साथ ही जब्त किए गए मोबाइल फोन और वाहन की भी फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे और अहम सुराग मिलने की संभावना है।
किशनगंज पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरह की और भी बड़ी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं।











