अररिया स्कॉर्पियो चोरी: अररिया शहर के आश्रम चौक स्थित भाजपा कार्यालय के पास से एक स्कॉर्पियो वाहन चोरी होने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। यह मामला न केवल स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में भी वाहन चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।
सूचना के अनुसार, यह स्कॉर्पियो वाहन सुशील रजक के नाम पर दर्ज है, जो अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड के बागेश्वरी गांव के निवासी हैं। बताया जाता है कि यह सफेद रंग की स्कॉर्पियो सहकारिता विभाग में किराए पर संचालित की जा रही थी और विभागीय कार्यों में नियमित रूप से इसका उपयोग किया जाता था। यह वाहन सरकारी कार्यों से जुड़ा हुआ होने के कारण इस चोरी की घटना को और अधिक गंभीर माना जा रहा है।

घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, सहकारिता विभाग में कार्यरत नियमित चालक के अस्वस्थ होने के कारण वाहन चलाने की जिम्मेदारी कार्यालय के क्लर्क भजन राम को दी गई थी। उन्होंने बुधवार रात वाहन को आश्रम चौक स्थित भाजपा कार्यालय के समीप अपने किराए के मकान के बाहर सड़क किनारे खड़ा किया था। उस समय किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह वाहन अगले ही दिन चोरी हो जाएगा।
गुरुवार सुबह जब भजन राम और अन्य स्टाफ ने वाहन को वहां नहीं देखा, तो तुरंत इसकी सूचना वाहन मालिक और पुलिस को दी गई। शुरुआती जांच में ही चोरी की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर बुलाया गया।
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में चोरी की पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दो युवक एक अन्य चारपहिया वाहन से मौके पर पहुंचते हैं। कुछ देर तक वे इलाके की रेकी करते दिखाई देते हैं और फिर सुनियोजित तरीके से खड़ी स्कॉर्पियो को स्टार्ट कर वहां से फरार हो जाते हैं। इस पूरी घटना ने पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान किए हैं।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह एक सुनियोजित वाहन चोरी गिरोह का काम हो सकता है, जो पहले से इलाके की रेकी कर घटनाओं को अंजाम देता है।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय निवासियों से यह भी जानकारी जुटाई गई कि रात के समय किसी संदिग्ध गतिविधि को किसी ने देखा था या नहीं।

पुलिस ने आसपास के सभी संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस साइबर और तकनीकी टीम की मदद से वाहन की ट्रैकिंग और आरोपियों की पहचान के प्रयास कर रही है।
वाहन मालिक सुशील रजक ने पुलिस को बताया कि उनकी स्कॉर्पियो विभागीय कार्यों के लिए उपयोग की जा रही थी और इसका उपयोग पूरी तरह से अधिकृत था। उन्होंने वाहन की शीघ्र बरामदगी की मांग की है और कहा है कि यह उनके लिए आर्थिक और पेशेवर दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि आश्रम चौक जैसा व्यस्त और प्रमुख स्थान, जहां भाजपा कार्यालय भी स्थित है, वहां से वाहन चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि इस क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
नगर थाना पुलिस के साथ-साथ एसडीपीओ सुशील कुमार ने भी मामले की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। एसडीपीओ ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह घटना किसी पेशेवर गिरोह का हिस्सा हो सकती है, जो खासकर रात के समय वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। इस दिशा में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और आसपास के जिलों की पुलिस को भी सतर्क किया गया है।
कुल मिलाकर, अररिया में हुई यह स्कॉर्पियो चोरी की घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि यह स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को भी उजागर करती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी सफलता प्राप्त करती है और क्या इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।










