किशनगंज फर्जी खबर: फैली एक बड़ी खबर को मद्यनिषेध विभाग ने पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है। वायरल दावे में कहा जा रहा था कि नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान को नशे की हालत में पकड़ा गया है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट रूप से इस पूरे मामले का खंडन किया है।
मद्यनिषेध विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 24 जून की रात फरिंगोला जांच चौकी पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक वाहन को जांच के लिए रोका गया, जिसमें नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान और उनके चालक मौजूद थे। यह पूरी कार्रवाई सामान्य जांच प्रक्रिया का हिस्सा थी।
विभाग के अनुसार, जांच के दौरान वाहन से किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके साथ ही न तो शराब सेवन के कोई संकेत मिले और न ही किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आई। पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से की गई।

इसके बाद दोनों व्यक्तियों का ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण किया गया। जांच के परिणाम पूरी तरह से निगेटिव पाए गए, यानी दोनों व्यक्तियों के शराब सेवन की पुष्टि नहीं हुई। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से 0mg/100ml पाया गया, जिससे यह साबित हुआ कि वे नशे की स्थिति में नहीं थे।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद दोनों को सामान्य प्रक्रिया के तहत जाने की अनुमति दे दी गई थी। किसी भी व्यक्ति को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही हिरासत में लिया गया। यह केवल एक रूटीन चेकिंग प्रक्रिया थी, जिसे गलत तरीके से सोशल मीडिया पर प्रस्तुत किया गया।
मद्यनिषेध विभाग ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए दावे पूरी तरह से तथ्यहीन और भ्रामक हैं। विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए कहा है कि इस तरह की झूठी जानकारी फैलाने से प्रशासन की छवि प्रभावित होती है और जनता में अनावश्यक भ्रम पैदा होता है।

विभाग ने आगे बताया कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित पुलिस विभाग को पत्र भेजा गया है, ताकि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी खबर को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा न करें। खासकर ऐसी खबरें जो किसी व्यक्ति, संस्था या प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी हों, उन्हें पहले आधिकारिक स्रोतों से जांच लेना जरूरी है।

अधिकारियों ने कहा कि आज के डिजिटल युग में अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए लोगों को जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए।
किशनगंज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और सभी जांच प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार ही की जाती हैं। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना प्रमाण के कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी सही नहीं होती। ऐसे में जरूरी है कि लोग केवल प्रमाणित और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
अंत में प्रशासन ने दोहराया कि फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाई जा सके।










