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पूर्णिया नदी हादसा: पूर्णिया में दर्दनाक हादसा, दास नदी में डूबने से 10 वर्षीय बच्चे की मौ*त, 3 किलोमीटर दूर मिला शव

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पूर्णिया नदी हादसा: पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां दास नदी में डूबने से 10 वर्षीय एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचा बच्चा अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घंटों तक उसकी तलाश की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। बाद में घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी में उसका शव बरामद हुआ।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

खेलते-खेलते नदी तक पहुंचा मासूम

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान भुना गांव निवासी हरीश के 10 वर्षीय बेटे अली के रूप में हुई है। अली इन दिनों अपने मौसा जाबुल के घर ज्ञानडोभ पंचायत आया हुआ था। गर्मी की छुट्टियों के दौरान वह अपने रिश्तेदारों के साथ समय बिताने पहुंचा था।

गुरुवार की शाम अली घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह दास नदी के किनारे पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक था और बहाव भी तेज था। इसी दौरान अली का पैर फिसल गया या वह अचानक गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते तेज धारा उसे अपने साथ बहाकर ले गई।

पूर्णिया नदी हादसा
पूर्णिया नदी हादसा

बचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सकी जान

बच्चे के नदी में गिरने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की। कुछ ग्रामीण तुरंत नदी में उतरे, लेकिन तेज बहाव के कारण अली तक पहुंचना संभव नहीं हो सका।

घटना की जानकारी कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे एकत्र हो गए। परिजन बदहवास होकर बच्चे की तलाश में जुट गए। हर कोई किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहा था, लेकिन समय बीतने के साथ चिंता बढ़ती चली गई।

पुलिस और ग्रामीणों ने चलाया सर्च अभियान

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से नदी में कई घंटों तक खोजबीन की। आसपास के इलाकों में भी तलाश की गई ताकि बच्चे का कोई सुराग मिल सके।

हालांकि, नदी का तेज बहाव राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बना रहा। कई घंटों तक लगातार प्रयासों के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया। इसके बाद खोज अभियान को नदी के बहाव की दिशा में आगे बढ़ाया गया।

पूर्णिया नदी हादसा
पूर्णिया नदी हादसा

तीन किलोमीटर दूर मिला शव

लंबी तलाश के बाद ग्रामीणों ने घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर ज्ञानडोभ के पास नदी में एक शव तैरता हुआ देखा। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे।

शव की पहचान 10 वर्षीय अली के रूप में की गई। मासूम का शव देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अली की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस घर में कुछ समय पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

गांव के लोगों का कहना है कि अली बेहद चंचल और मिलनसार स्वभाव का था। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

पूर्णिया नदी हादसा
पूर्णिया नदी हादसा

ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दास नदी के किनारे सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और तेज बहाव के कारण हर साल दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

लोगों ने मांग की कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, खतरनाक स्थानों की पहचान कर बैरिकेडिंग की जाए और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाएं तो भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

बरसात के मौसम में बढ़ जाता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और कई बार सामान्य दिखने वाली जगहों पर भी गहराई अधिक होती है। ऐसे में बच्चों को अकेले नदी या तालाब के आसपास जाने से रोकना बेहद जरूरी है।

माता-पिता और अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर विशेष नजर रखें और उन्हें जल स्रोतों के पास बिना निगरानी के न जाने दें। थोड़ी सी सावधानी कई बार बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है।

पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में मामला नदी में डूबने का प्रतीत हो रहा है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी, नहर और अन्य जल स्रोतों के पास विशेष सावधानी बरतें तथा बच्चों को अकेले वहां न जाने दें।

निष्कर्ष

पूर्णिया के अमौर प्रखंड में हुई यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि नदी किनारे थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। 10 वर्षीय अली की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अब जरूरत है कि प्रशासन सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करे और लोग भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहें, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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