पटना युवक अपहरण: राजधानी एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। न्यू करबिगहिया इलाके में एक युवक के कथित अपहरण के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, आगजनी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि युवक को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और इस मामले में शामिल आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
जानकारी के अनुसार, कथित रूप से अपहृत युवक की पहचान न्यू करबिगहिया कब्रिस्तान गली निवासी 33 वर्षीय बंटी के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि बंटी अचानक लापता हो गया और उन्हें आशंका है कि उसका अपहरण किया गया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि युवक की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष टीम बनाई गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस आश्वासन के बाद लगभग तीन घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और सड़क पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बंटी की बरामदगी नहीं होती है तो वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। उनके इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया।

इधर, बांकीपुर विधानसभा चुनाव को देखते हुए क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों से लगातार अपील करता रहा कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से बचें। पुलिस ने चेतावनी भी दी कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे और युवक की बरामदगी तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते रहे।
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप बंटी की बहन गुड़िया देवी ने लगाया है। उनका कहना है कि उनके भाई ने इलाके में चल रहे कथित देह व्यापार का विरोध किया था। उनके अनुसार, इसी कारण कुछ लोगों ने बंटी को निशाना बनाया और उसका कथित अपहरण कर लिया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, गुड़िया देवी द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवक की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा युवक के मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय होता तो शायद इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनका आरोप है कि क्षेत्र में पहले भी कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। लोगों ने इलाके में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। नागरिकों का कहना है कि आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए प्रशासन को तेजी से कार्रवाई करनी होगी। वहीं, राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बंटी की सुरक्षित बरामदगी है। परिजन लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही युवक का पता लगा लेगी। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच युद्धस्तर पर जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और युवक की बरामदगी कब तक हो पाती है, इस पर पूरे मामले की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होगी।










