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किशनगंज स्मैक तस्करी: किशनगंज में नशे के कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार, खटाल से 101 ग्राम स्मैक बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार

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किशनगंज स्मैक तस्करी: बिहार के किशनगंज जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बहादुरगंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 101 ग्राम स्मैक के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में चल रहे कथित नशे के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि तस्कर एक मवेशी खटाल की आड़ में स्मैक की बिक्री का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मामला किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नगर पंचायत बहादुरगंज के पुराना ब्लॉक इलाके में स्थित एक खटाल परिसर में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए एक टीम गठित की और बताए गए स्थान पर छापेमारी की।

किशनगंज स्मैक तस्करी
किशनगंज स्मैक तस्करी

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके से चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 101 ग्राम स्मैक बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस ने 52,310 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद नकदी और मोबाइल फोन तस्करी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर मवेशी खटाल की आड़ में मादक पदार्थों का कारोबार चला रहे थे। खटाल जैसी जगह का इस्तेमाल करने का उद्देश्य पुलिस की नजर से बचना बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहित मंडल, महादेव कुमार यादव, बीरबल कुमार और दरभंगा जिले के रहने वाले अमरजीत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मोहित मंडल उस खटाल का मालिक है जहां से यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि मोहित मंडल का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है।

किशनगंज स्मैक तस्करी
किशनगंज स्मैक तस्करी

बहादुरगंज थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस यानी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्मैक कहां से लाई जाती थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे का अवैध कारोबार युवाओं के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई कर इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों और पिछले रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद स्मैक की सप्लाई किस माध्यम से की जा रही थी और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ तो नहीं है।

किशनगंज स्मैक तस्करी
किशनगंज स्मैक तस्करी

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। आम लोगों के सहयोग से ही नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने में मदद मिल सकती है।

किशनगंज पुलिस की यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल चारों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। आने वाले समय में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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