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होमगार्ड जवान मारपीट: अररिया में होमगार्ड जवान से मारपीट का आरोप: थानाध्यक्ष और दारोगा पर गंभीर सवाल, जांच शुरू

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होमगार्ड जवान मारपीट: बिहार के अररिया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रानीगंज थाना क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान के साथ कथित मारपीट का आरोप सामने आया है। आरोप है कि यह घटना किसी आम व्यक्ति के साथ नहीं, बल्कि थाने के थानाध्यक्ष और एक दारोगा के साथ हुए विवाद के बाद हुई। घटना के बाद घायल जवान को इलाज के लिए अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

घायल जवान की पहचान चंदन कुमार साह के रूप में हुई है। वे रानीगंज अंचल कार्यालय में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हैं। जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार शाम की है। ड्यूटी पूरी करने के बाद चंदन कुमार साह स्थानीय चौक पर नाश्ता करने पहुंचे थे। उसी समय वहां रानीगंज थाने के थानाध्यक्ष, एक दारोगा और एक सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान इलाके में नशे के कारोबार और लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं का मुद्दा उठा। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने होमगार्ड जवान से कहा कि वे इन गतिविधियों पर भी नजर रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।

होमगार्ड जवान मारपीट
होमगार्ड जवान मारपीट

इस पर चंदन कुमार साह ने कथित तौर पर कहा कि उनकी ड्यूटी केवल अंचल कार्यालय की सुरक्षा तक सीमित है। उनका कहना था कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे उसी का पालन कर सकते हैं और निर्धारित ड्यूटी क्षेत्र से बाहर निगरानी करना उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता।

बताया जाता है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद थानाध्यक्ष और एक दारोगा ने होमगार्ड जवान के साथ मारपीट की। आरोपों के अनुसार, मारपीट इतनी गंभीर थी कि जवान घायल होकर बेहोश हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही उनके साथी हर्षित कुमार कुशवाहा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल जवान को तत्काल अररिया सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।

अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान बताया गया कि जवान के कान, सीने और जांघ में चोटें आई हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सीटी स्कैन सहित अन्य आवश्यक जांच भी कराई, ताकि अंदरूनी चोटों की सही जानकारी मिल सके। फिलहाल उनका इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

होमगार्ड जवान मारपीट
होमगार्ड जवान मारपीट

घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार राज्य गृह रक्षा वाहिनी स्वयंसेवक संघ के जिला अध्यक्ष अभय कुमार झा भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल जवान से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

संघ का कहना है कि होमगार्ड जवान भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि उनके साथ ही इस प्रकार की घटना होती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

उधर, होमगार्ड विभाग के डीएसपी अशोक प्रसाद भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल जवान का हालचाल लिया और चिकित्सकों से इलाज की जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग इस मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है।

इस पूरे घटनाक्रम पर अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिल चुकी है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं किया जाएगा।

होमगार्ड जवान मारपीट
होमगार्ड जवान मारपीट

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें आरोप पुलिस विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए गए हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी होती है ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और यदि किसी पक्ष के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय मिल सके।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच के दौरान घटनास्थल, मौजूद लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाकर पूरी घटना की पड़ताल की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग चाहते हैं कि जांच जल्द पूरी हो और सच्चाई सामने आए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, आरोप कितने सही हैं और क्या वास्तव में किसी प्रकार की मारपीट हुई थी। फिलहाल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और सभी पक्षों से सहयोग की अपील की है।

इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम बात यही है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच हो, सभी तथ्यों को सामने लाया जाए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं यदि आरोप असत्य साबित होते हैं, तो यह भी जांच के माध्यम से स्पष्ट होना चाहिए। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही इस मामले में न्याय का आधार बनेगी।

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