इंजीनियर पर SVU रेड: बिहार में निगरानी विभाग यानी SVU ने लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच के तहत SVU की टीम ने पटना, बांका और वैशाली में उनके चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पटना स्थित आवास से नकदी, गहने और महंगी घड़ियां मिलने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि हरेंद्र कुमार फिलहाल बांका में लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें उनके सरकारी आवास से हिरासत में लिया। इसके बाद टीम उन्हें बांका स्थित विभागीय कार्यालय लेकर गई, जहां दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की गई।
SVU की इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। जांच टीम अलग-अलग ठिकानों पर मौजूद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामान की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का मकसद यह पता लगाना है कि इंजीनियर की घोषित आय और उनकी संपत्तियों के बीच कहीं कोई असामान्य अंतर तो नहीं है।

पटना के आवास पर भी पहुंची निगरानी टीम
छापेमारी का एक प्रमुख केंद्र पटना स्थित हरेंद्र कुमार का आवास रहा। यहां जांच एजेंसी को नकदी और बड़ी मात्रा में गहने मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई महंगी घड़ियां भी बरामद किए जाने की बात कही जा रही है।
बरामद नकदी की गिनती के लिए टीम के कई सदस्यों को लगाया गया। नोटों की गिनती और बरामद सामान का विवरण तैयार करने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा रही। हालांकि, छापेमारी पूरी होने के बाद ही बरामद नकदी और अन्य संपत्तियों की आधिकारिक कुल कीमत स्पष्ट हो सकेगी।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद संपत्तियों और सामान का स्रोत क्या है और क्या इनका संबंध अधिकारी की आय से है। इसके लिए बैंक खातों, निवेश, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
बांका में सरकारी आवास और कार्यालय की भी जांच
हरेंद्र कुमार की मौजूदा पोस्टिंग बांका में है। SVU की टीम ने उनके सरकारी आवास के साथ-साथ विभागीय कार्यालय में भी जांच की। कार्यालय में मौजूद सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला गया।
जांच टीम यह भी देख रही है कि अधिकारी के कार्यकाल के दौरान किन योजनाओं और विभागीय कामों से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। हालांकि, किसी विशेष योजना या ठेके में अनियमितता की पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं की जा सकती।
हरेंद्र कुमार को उनके सरकारी आवास से हिरासत में लिए जाने के बाद टीम उन्हें विभागीय कार्यालय ले गई। वहां भी काफी समय तक जांच और दस्तावेजों की पड़ताल चलती रही।

वैशाली के पैतृक आवास पर भी छापेमारी
SVU की कार्रवाई केवल पटना और बांका तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी की टीम ने वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र स्थित सिमरवाड़ा गांव में हरेंद्र कुमार के पैतृक आवास पर भी छापेमारी की।
जानकारी के अनुसार, टीम सुबह करीब 9 बजे दो वाहनों से वहां पहुंची। कार्रवाई के दौरान पातेपुर थाना अध्यक्ष समेत स्थानीय पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
पैतृक आवास पर भी दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। पुलिस और निगरानी टीम की मौजूदगी में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
एक महीने पहले हुई थी बांका में पोस्टिंग
हरेंद्र कुमार की बांका में पोस्टिंग करीब एक महीने पहले ही हुई थी। इससे पहले वह गया क्षेत्र में पदस्थापित थे। बताया जा रहा है कि गया में पदस्थापना के दौरान ही उनके खिलाफ निगरानी विभाग में आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसी शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग ने मामले की जांच शुरू की और आगे की कार्रवाई के तहत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आम तौर पर किसी अधिकारी की ज्ञात और वैध आय की तुलना उसके खर्च और अर्जित संपत्तियों से करती है। जांच में यह देखा जाता है कि अधिकारी के पास मौजूद संपत्ति उसकी घोषित आय और वैध स्रोतों के अनुरूप है या नहीं।

बैंक खातों से लेकर जमीन-जायदाद तक की जांच
SVU की जांच में सिर्फ घर से बरामद नकदी और गहने ही अहम नहीं होते, बल्कि अधिकारी की पूरी वित्तीय स्थिति की पड़ताल की जाती है। इसी क्रम में हरेंद्र कुमार के बैंक खातों, निवेश, जमीन-मकान से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उनके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम पर कितनी संपत्ति है और उन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या था।
इसके अलावा बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है। यदि जांच में किसी संपत्ति या लेनदेन को संदिग्ध पाया जाता है, तो उसके संबंध में संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाए जाएंगे।
अभी जांच जारी, अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी
फिलहाल SVU की कार्रवाई जारी है और अलग-अलग ठिकानों पर जांच के बाद बरामद दस्तावेजों और सामान का आकलन किया जा रहा है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी नकदी, गहने, घड़ियां और अन्य संपत्तियां बरामद हुई हैं।
यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी भी बरामदगी या आरोप को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। मामले में जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
फिलहाल निगरानी विभाग का पूरा ध्यान वित्तीय रिकॉर्ड को खंगालने और आय तथा संपत्ति के बीच संभावित अंतर का पता लगाने पर है।
पटना, बांका और वैशाली में हुई इस एक साथ कार्रवाई के बाद अब जांच के अगले चरण का इंतजार है। अगर जांच में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल SVU की जांच जारी है और छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति, दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।










