कदमपुर सड़क: कटिहार में कदमपुर से रोजितपुर को जोड़ने वाली सड़क की बदहाल स्थिति अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। करीब दो साल से सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी जमा हो जाने से सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। राहगीरों, बाइक सवारों, ऑटो और अन्य वाहन चालकों को इस रास्ते से गुजरने में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब धीरे-धीरे आंदोलन में बदल गया है। लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रहे लोगों ने प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर खींचने के लिए जनआंदोलन शुरू किया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क केवल आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि आसपास के कई गांवों और प्रमुख संस्थानों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कदमपुर-रोजितपुर सड़क का इस्तेमाल हर दिन बड़ी संख्या में लोग करते हैं। सुबह के समय स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से गुजरते हैं। शिक्षक और कर्मचारी भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए भी इस सड़क का इस्तेमाल किया जाता है।

सड़क खराब होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों और पैदल चलने वाले लोगों को होती है। बड़े-बड़े गड्ढों के बीच से वाहन निकालना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। कई जगह सड़क की सतह इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय गड्ढे साफ दिखाई नहीं देने के कारण समस्या और बढ़ जाती है। लोगों को डर रहता है कि अचानक वाहन गड्ढे में जाने से हादसा हो सकता है।
बारिश के दिनों में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक कई बार गड्ढों से बचने के लिए सड़क के दूसरे हिस्से में चले जाते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। लोगों ने अधिकारियों का ध्यान सड़क की खराब हालत की ओर दिलाया और इसे जल्द दुरुस्त कराने की मांग की थी। प्रदर्शन और शिकायतों के बाद सड़क सुधार का भरोसा भी दिया गया था।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि आश्वासन मिलने के बावजूद जमीन पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। समय बीतता गया और सड़क की हालत लगातार खराब होती गई। यही वजह है कि अब लोगों ने सामूहिक रूप से जनआंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है।

आंदोलन का नेतृत्व आफताब आलम उर्फ चांद कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य सिर्फ सड़क की समस्या को प्रशासन के सामने मजबूती से रखना और आम लोगों को राहत दिलाना है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय जनता लंबे समय से इस सड़क की समस्या झेल रही है। लोगों को रोजाना इसी सड़क से होकर अपने काम के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में सड़क की मरम्मत अब सिर्फ सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की जरूरत बन चुकी है।
कदमपुर-रोजितपुर मार्ग के आसपास कई महत्वपूर्ण संस्थान भी मौजूद हैं। स्कूल और कॉलेज होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस सड़क से गुजरते हैं। वहीं, आसपास अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं भी मौजूद हैं। ऐसे में मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले परिवारों के लिए खराब सड़क बड़ी परेशानी बन सकती है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क खराब होने का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। खराब रास्ते के कारण कई वाहन चालक इस मार्ग से बचने की कोशिश करते हैं। इससे स्थानीय बाजार और दुकानदारों की गतिविधियों पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का स्थायी समाधान जरूरी है। सिर्फ गड्ढों को मिट्टी या गिट्टी से भर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। लोगों की मांग है कि सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि कुछ समय बाद फिर से वही स्थिति पैदा न हो।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। सबसे पहली मांग कदमपुर-रोजितपुर सड़क की तत्काल मरम्मत की है। इसके साथ ही लोगों ने सड़क के स्थायी निर्माण के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन यह बताता है कि सड़क का काम कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, तो जनता को भी स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी की भी मांग की गई है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क बनने के बाद उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच भी जरूरी है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप किया गया और समय-समय पर सड़क की निगरानी होती रही, तो भविष्य में सड़क जल्द खराब होने की समस्या को कम किया जा सकता है।
जनआंदोलन के बीच प्रशासन की ओर से भी लोगों को जल्द सड़क सुधार का भरोसा दिया गया है। CO ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि सड़क की समस्या को जल्द दूर कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि सिर्फ आश्वासन तक मामला सीमित न रहे, बल्कि सड़क पर जल्द काम शुरू हो और उन्हें वर्षों से चली आ रही परेशानी से राहत मिले।
लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत होने से सिर्फ वाहन चालकों को ही सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों, शिक्षकों, मरीजों, व्यापारियों और आसपास के ग्रामीणों को भी राहत मिलेगी।
फिलहाल कदमपुर-रोजितपुर सड़क को लेकर जनआंदोलन जारी है। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से जल्द सुधार का भरोसा मिलने के बाद अब यह देखना होगा कि सड़क की मरम्मत का काम कब शुरू होता है।
करीब दो साल से सड़क की बदहाली झेल रहे स्थानीय लोगों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब इस रास्ते की तस्वीर बदलेगी। बड़े-बड़े गड्ढों और खराब सड़क से परेशान लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा और कदमपुर-रोजितपुर मार्ग को बेहतर बनाया जाएगा।
कुल मिलाकर, कटिहार की यह सड़क अब सिर्फ एक जर्जर रास्ते का मुद्दा नहीं रही है। यह स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन से जुड़ा सवाल बन चुकी है। जनआंदोलन के जरिए लोगों ने अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचा दी है। अब जरूरत है कि इस आवाज पर जल्द ठोस कार्रवाई हो और सड़क की बदहाल तस्वीर को बदला जाए।









