ऑपरेशन मुस्कान: पूर्णिया में मोबाइल फोन गुम होने या चोरी हो जाने के बाद उन्हें वापस पाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। पूर्णिया पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत बरामद किए गए मोबाइल फोन में से 60 फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। एक कार्यक्रम के दौरान एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन सौंपे। पुलिस के मुताबिक, वापस किए गए इन मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है।
मोबाइल फोन आज लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा बन चुका है। फोन में जरूरी संपर्क नंबरों के साथ-साथ फोटो, दस्तावेज, बैंकिंग से जुड़ी जानकारी और कई व्यक्तिगत डेटा भी मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल के गुम या चोरी हो जाने के बाद लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जरूरी जानकारी के गलत इस्तेमाल की चिंता भी रहती है। पूर्णिया पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे लोगों को राहत मिली है।

पुलिस के मुताबिक, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अलग-अलग मामलों में मोबाइल फोन की बरामदगी की गई। इनमें ऐसे फोन भी शामिल थे, जो कई महीनों से अपने मालिकों से दूर थे। एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि बरामद मोबाइल में कुछ फोन करीब छह महीने पहले गुम हुए थे, जबकि कई मोबाइल ऐसे भी थे, जो लगभग एक साल से लोगों के पास नहीं थे।
कुछ मोबाइल चोरी और छिनतई की घटनाओं के दौरान भी गायब हुए थे। पुलिस ने इन मोबाइल को बरामद करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। मोबाइल के स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड और शिकायतों के आधार पर सत्यापन किया गया। सत्यापन पूरा होने के बाद 60 मोबाइल फोन संबंधित लोगों को सौंप दिए गए।
मोबाइल बरामद करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया उनके सही मालिक तक पहुंचाना होती है। पुलिस ने इसके लिए शिकायत और उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर फोन के स्वामित्व का सत्यापन किया। जब यह सुनिश्चित हो गया कि संबंधित मोबाइल किस व्यक्ति का है, तब उसे पुलिस की ओर से वापस किया गया।
इस दौरान अपने मोबाइल फोन वापस पाने वाले लोगों के चेहरे पर राहत नजर आई। कई लोगों के लिए यह फोन सिर्फ एक महंगा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं था, बल्कि उसमें उनके जरूरी दस्तावेज, तस्वीरें, संपर्क और अन्य व्यक्तिगत जानकारी भी मौजूद थी। लंबे समय से फोन का इंतजार कर रहे लोगों को जब उनका मोबाइल वापस मिला तो उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के लिए आभार जताया।
जिला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत कुल 1,040 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि यह संख्या पोर्टल पर दर्ज कुल शिकायतों का करीब 12 प्रतिशत है।

पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान लगातार जारी है। अलग-अलग मामलों में बरामद किए गए फोन को एकत्र करने के बाद उनके स्वामित्व की जांच की जाती है। जिन मोबाइलों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, उन्हें संबंधित लोगों को सौंप दिया जाता है।
साल 2026 में भी पूर्णिया पुलिस की ओर से मोबाइल बरामदगी की कार्रवाई जारी रही है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक 355 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी जांच की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। गुम या चोरी हुए मोबाइल के संबंध में शिकायत दर्ज होने के बाद उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसकी तलाश की जाती है। बरामदगी के बाद शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए विवरण और मोबाइल की पहचान से संबंधित जानकारी का मिलान किया जाता है।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य लोगों के गुम या चोरी हुए मोबाइल को तलाश कर उन्हें वापस उनके मालिकों तक पहुंचाना है। पूर्णिया पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में जब लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए तो लाभार्थियों ने पुलिस का धन्यवाद किया। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल लंबे समय से गायब था और लगातार इंतजार के बावजूद उन्हें फोन वापस मिलने की उम्मीद कम हो गई थी।
कुछ लोगों ने यह भी बताया कि फोन में मौजूद व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी संपर्कों के कारण मोबाइल के खोने से उन्हें काफी परेशानी हुई थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद उनकी यह परेशानी कम हुई है। लोगों ने पुलिस की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मोबाइल फोन के गुम होने के मामलों में लोगों के लिए समय पर शिकायत दर्ज कराना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। शिकायत के आधार पर पुलिस के पास फोन की पहचान और उसे तलाशने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध होती है। इसके बाद बरामदगी होने पर संबंधित व्यक्ति के स्वामित्व का सत्यापन किया जा सकता है।
पूर्णिया पुलिस की ओर से बरामद किए गए मोबाइलों में अलग-अलग समय से गायब फोन शामिल रहे। कुछ मोबाइल छह महीने पुराने मामलों से जुड़े थे, जबकि कुछ करीब एक साल पहले गुम या चोरी हुए थे। ऐसे में लंबे समय बाद मोबाइल वापस मिलने से लोगों को विशेष राहत मिली।

पुलिस के अनुसार, अभी भी कुछ बरामद मोबाइल ऐसे हैं, जिनके स्वामित्व का सत्यापन किया जाना बाकी है। इन मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें भी संबंधित लोगों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की जाएगी।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले चार वर्षों में 1,040 मोबाइल फोन की बरामदगी और वापसी दर्ज की गई है। वहीं, 2026 में अब तक 355 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इस अभियान से यह भी सामने आता है कि मोबाइल फोन की शिकायतों पर पुलिस स्तर पर तकनीकी माध्यमों से कार्रवाई की जा रही है। लोगों की शिकायतों को दर्ज कर बरामदगी के बाद फोन को सही व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सत्यापन किया जाता है।
कुल मिलाकर, पूर्णिया पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 60 और मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है। छह महीने से लेकर करीब एक साल तक गुम रहे फोन वापस मिलने से लोगों को राहत मिली है।
वहीं, पिछले चार वर्षों में 1,040 मोबाइल और वर्ष 2026 में अब तक 355 मोबाइल फोन बरामद किए जाने का पुलिस आंकड़ा सामने आया है। फिलहाल अन्य बरामद मोबाइलों के स्वामित्व का सत्यापन जारी है। सत्यापन पूरा होने के बाद बाकी मोबाइलों को भी उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।











