कटिहार जिले के कुर्सेला प्रखंड स्थित हटिया बाजार में रविवार देर रात भीषण आग लगने से पूरा बाजार तबाह हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक होटल में गैस सिलेंडर फटने के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते लपटें इतनी ऊंची उठीं कि वे करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगीं। घना धुआं पूरे इलाके में फैल गया, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और अफरा-तफरी मच गई।

कैसे भड़की आग
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार शाम करीब 7 बजे बाजार स्थित एक होटल में सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले एक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद लगातार सिलेंडर फटने की आवाजें आती रहीं। आग तेजी से आसपास की दुकानों में फैल गई और कुछ ही देर में पूरे हटिया बाजार को अपनी चपेट में ले लिया।

500 से अधिक दुकानें जलकर राख
इस अग्निकांड में कपड़े, मसाले, किराना, सब्जी और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की 500 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं। सड़क किनारे लगी रेहड़ी-पटरी की दुकानें भी पूरी तरह खाक हो गईं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार व्यापारियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।

दमकल की कड़ी मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 4 बड़ी और 5 छोटी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। स्थानीय लोगों ने भी बाल्टी और पाइप के जरिए आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि शुरुआती प्रयास नाकाफी साबित हुए। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आपबीती
घटना के समय मौजूद विनोद ठाकुर ने बताया कि सिलेंडर लगातार फट रहे थे और आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि जान बचाकर भागना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक पल के लिए ऐसा लगा मानो दिल का दौरा पड़ जाएगा।
कपड़ा व्यापारी अनिल कुमार ने बताया कि आग कैसे लगी, यह समझने का मौका ही नहीं मिला। उनकी दुकान आंखों के सामने जल गई और वे कुछ भी नहीं बचा सके। सब्जी विक्रेता विवेक ने कहा कि लपटें इतनी तेज थीं कि लोग अपनी दुकानें छोड़कर जान बचाने के लिए भागने लगे।
स्थानीय कारोबारी चंदन कुमार साह के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद पूरे बाजार में भगदड़ मच गई और आग तेजी से फैलती चली गई। प्रत्यक्षदर्शी राजेश कुमार ने दावा किया कि राहत-बचाव में शुरुआत में पर्याप्त संसाधन नहीं पहुंचे, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
जांच और राहत की मांग
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। प्रभावित व्यापारियों ने सरकार से मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है। यह हादसा न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी क्षेत्र के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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