कटिहार के इमलीगाछ चौक स्थित आंबेडकर कॉलोनी में शुक्रवार को बच्चा चोरी की अफवाह फैलने के बाद भारी हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने कॉलोनी में घूम रही तीन महिलाओं को संदिग्ध मानते हुए घेर लिया और दो महिलाओं को करीब दो घंटे तक बंधक बना लिया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और माहौल तनावपूर्ण बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों महिलाएं हाथ में थैला लेकर घर-घर भीख मांग रही थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इन महिलाओं को पहले कभी इलाके में नहीं देखा था, जिससे उन पर बच्चा चोरी गिरोह से जुड़े होने का संदेह हुआ। इसी संदेह के आधार पर लोगों ने महिलाओं से पहचान पत्र मांगे, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर सकीं।

हंगामा बढ़ने पर तीन में से एक महिला मौके से भाग निकली, जिससे लोगों का शक और गहरा गया। इसके बाद बची हुई दो महिलाओं—गुड़िया देवी और मुन्नी देवी—को भीड़ ने घेर रखा और विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
स्थानीय निवासियों मुकेश मालिक और पूर्णिमा देवी ने बताया कि महिलाओं ने खुद को समस्तीपुर की निवासी बताया। हालांकि, उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए लोगों ने उन्हें जाने नहीं दिया। पकड़ी गई महिलाओं ने बताया कि वे पिछले छह महीने से कटिहार के छीटाबाड़ी इलाके में रह रही हैं और भीख मांगकर जीवन यापन करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बच्चा चोरी से कोई संबंध नहीं है।
लगभग दो घंटे तक चले इस हंगामे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर थाना पुलिस और जनप्रतिनिधियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि पूरी जांच के बाद यदि महिलाएं निर्दोष पाई जाती हैं तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने और बिना पुष्टि के किसी पर आरोप लगाने से सामाजिक तनाव बढ़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय पहले सटीक जानकारी जुटाएं और प्रशासन या पुलिस से संपर्क करें।
यह घटना कटिहार में अफवाहों के कारण उत्पन्न सामाजिक तनाव का उदाहरण है, जहां अनजाने में भीड़ ने दो निर्दोष महिलाओं को दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा।
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