किशनगंज के ऐतिहासिक खगड़ा मेला को निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद बंद करने के प्रशासनिक निर्देश से विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को नाराज दुकानदारों ने खगड़ा मेला कार्यालय का घेराव कर मेला ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया और दुकानें हटाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की।

दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अचानक दुकानें हटाने का निर्देश दिया गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई व्यापारियों ने दावा किया कि वे लाखों रुपये का निवेश कर हर साल मेला में दुकान लगाते हैं और आमतौर पर होली के बाद ही दुकानें हटाते हैं। इस बार भी वे उसी उम्मीद में व्यापार कर रहे थे।

एक दुकानदार ने बताया, “हम वर्षों से यहां दुकान लगाते आ रहे हैं। होली तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन अचानक हटाने का आदेश दे दिया गया। अभी किसी अन्य स्थान पर मेला नहीं लग रहा, ऐसे में हम कहां जाएं?”
गौरतलब है कि खगड़ा मेला का उद्घाटन 12 जनवरी को हुआ था। परंपरागत रूप से यह मेला करीब एक महीने तक चलता है, हालांकि खिलौने, मीना बाजार और अन्य छोटे कारोबारियों की दुकानें अक्सर होली के बाद तक संचालित रहती हैं। इस वर्ष बड़े आकर्षण—जैसे झूले, मौत का कुआं और सर्कस—निर्धारित अवधि में बंद हो चुके हैं, लेकिन छोटे दुकानदार अब भी कारोबार कर रहे थे।

खगड़ा मेला को राज्य सरकार द्वारा राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त है और यह आयोजन 140 वर्षों से अधिक समय से होता आ रहा है। ऐसे में अचानक बंदी के निर्देश से व्यापारियों में असमंजस और आक्रोश का माहौल है। कुछ दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे भविष्य में इस मेले में भाग नहीं लेंगे।

मेला आयोजक बबलू साहा ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से दुकानें तुरंत हटाने का आदेश मिला है। उन्होंने कहा कि दुकानदार होली तक रुकने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन का निर्देश स्पष्ट है। उन्होंने अधिकारियों से व्यापारियों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

वहीं, अपर जिलाधिकारी (ADM) ने स्पष्ट किया कि मेला की तय अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए दुकानें हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर प्रशासन और दुकानदारों के बीच संवाद की संभावना जताई जा रही है। पूरे मामले ने शहर में चर्चा का माहौल बना दिया है और अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.










