किशनगंज में शराब तस्करों के एक नए हथकंडे का खुलासा हुआ है। जीवनरक्षक वाहन के रूप में पहचानी जाने वाली एम्बुलेंस का इस्तेमाल इस बार अवैध शराब की तस्करी के लिए किया जा रहा था। उत्पाद विभाग की सतर्कता से इस साजिश का पर्दाफाश हुआ और मौके से शराब की खेप बरामद की गई।

जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को शाम करीब 4 बजे फरिंगोला चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक संदिग्ध एम्बुलेंस को रोका। जांच के दौरान वाहन की तलाशी ली गई तो अंदर मरीज या चिकित्सा उपकरणों की जगह विदेशी शराब छिपाकर रखी मिली। कुल 10.5 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई, जिसे बेहद चालाकी से इस तरह छिपाया गया था कि पहली नजर में किसी को शक न हो।

कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी ने किया। उनके साथ कृतजनदन कुमार सहित उत्पाद विभाग के कांस्टेबल और होमगार्ड के जवान मौजूद थे। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो तेलंगाना के निवासी बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध शराब की आपूर्ति की कोशिश कर रहे हैं। एम्बुलेंस जैसे संवेदनशील वाहन का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि तस्कर जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं।

उत्पाद विभाग ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या सीमावर्ती क्षेत्रों में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो इस तरह की तस्करी को अंजाम दे रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आगे भी चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, ताकि शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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